ईरान-इज़राइल युद्ध: मध्य पूर्व में फिर बढ़ा तनाव
मध्य पूर्व एक बार फिर गंभीर संघर्ष की चपेट में है क्योंकि ईरान-इज़राइल युद्ध तेजी से भड़क उठा है। दोनों देशों के बीच चल रहा यह टकराव अब खुले युद्ध में तब्दील हो गया है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता को भारी खतरा उत्पन्न हो गया है। बीते 24 घंटे में दोनों ओर से रॉकेट हमले और ड्रोन हमले दर्ज किए गए हैं।
रॉकेट हमले और जवाबी कार्रवाई से स्थिति विस्फोटक
ईरान ने दावा किया कि उसकी सीमाओं के पास इज़राइली मिसाइलें दागी गईं, जिसका जवाब उसने बैलिस्टिक मिसाइलों से दिया। वहीं, इज़राइल ने अपने सुरक्षा तंत्र आयरन डोम से अधिकतर हमलों को विफल किया, लेकिन कुछ हमले सफल रहे। ईरान-इज़राइल युद्ध के चलते इराक, सीरिया और लेबनान जैसे पड़ोसी देश भी सुरक्षा अलर्ट पर हैं।
संयुक्त राष्ट्र ने इस बढ़ते टकराव पर चिंता जताई है और तुरंत संघर्ष विराम की अपील की है। अमेरिका, रूस और चीन जैसे वैश्विक शक्तियों की नजरें अब इस युद्ध पर टिकी हैं। आशंका है कि यह टकराव यदि जल्द नहीं रुका, तो यह पूरे विश्व को प्रभावित कर सकता है।
इस युद्ध के चलते वैश्विक बाजारों में भी हलचल देखी गई है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जो भारत समेत अन्य आयातक देशों की अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकती है। ईरान-इज़राइल युद्ध की स्थिति ने पश्चिम एशिया को फिर से वैश्विक चिंता का केंद्र बना दिया है।
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