तमिलनाडु के किसानों ने सराहा छत्तीसगढ़ सरकार का धान खरीदी मॉडल

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तमिलनाडु के किसानों के साथ बैठक कर कृषि नीति पर चर्चा करते हुए।

विधानसभा स्थित कार्यालय में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज तमिलनाडु कावेरी फार्मर्स प्रोटेक्शन एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान किसानों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक रूप से धान और पान से बनी माला पहनाकर अभिनंदन किया। साथ ही, रेड बनाना (लाल केला), आम, नारियल के पौधे और कटहल उपहार स्वरूप भेंट किए। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस आत्मीय स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संस्कृति विभाग के सचिव श्री अन्बलगन पी भी उपस्थित थे।

तमिलनाडु किसानों ने सराहा छत्तीसगढ़ धान खरीदी मॉडल

मुलाकात के दौरान तमिलनाडु के किसानों ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी नीति की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह नीति किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उचित समर्थन मूल्य से किसानों को आश्वासन मिलता है कि उनकी मेहनत का वाजिब मूल्य मिलेगा।

एसोसिएशन के महासचिव श्री स्वामीमलाई सुंदर विमलनाथन ने कहा कि जब उत्पादन लागत और समर्थन मूल्य संतुलित होता है, तो किसान आत्मनिर्भर बनते हैं। छत्तीसगढ़ की यह नीति पूरे देश में मिसाल बन सकती है।

मुख्यमंत्री ने दोहराया किसानों के हित का संकल्प

मुख्यमंत्री श्री साय ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार किसानों को उनकी मेहनत का पूरा लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। धान के लिए उच्चतम समर्थन मूल्य और समय पर भुगतान उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसान हितैषी योजनाओं के कारण छत्तीसगढ़ में धान उत्पादन 1.50 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है।

छत्तीसगढ़ सरकार की कृषि नीति को मिली राष्ट्रीय पहचान

तमिलनाडु के किसानों ने छत्तीसगढ़ सरकार की कृषि नीतियों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि जब सरकार किसानों के हित में ठोस नीतियाँ बनाती है, तो उसका सीधा असर उनकी आय और जीवन स्तर पर पड़ता है। इस मुलाकात से दोनों राज्यों के किसानों के बीच कृषि सहयोग को भी बढ़ावा मिला।

इस अवसर पर एसोसिएशन के महासचिव श्री स्वामीमलाई सुंदर विमलनाथन के साथ श्री चेरन, श्री कालिया पेरूमल, श्री समीनाथन, श्री सेनगुटटुवन, श्री सुगुमारन, श्री बालाजी, श्री सीतारामन, श्री सबरी नाथन और श्री जी. बालाजी सहित अन्य किसान नेता उपस्थित थे।

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