पंकज शर्मा पत्रकार की स्मृति में प्रतिमा अनावरण, योगदान को किया गया याद

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रायपुर में वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय पंकज शर्मा की स्मृति को स्थायी सम्मान मिला। पंकज गार्डन, खो-खो पारा में उनकी प्रतिमा का अनावरण हुआ। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रतिमा का अनावरण किया। समारोह में कई जनप्रतिनिधि और पत्रकार मौजूद रहे।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। विधायक सुनील सोनी और मोतीलाल साहू भी उपस्थित रहे। विधायक अनुज शर्मा सहित पत्रकारिता जगत की हस्तियां भी पहुंचीं। रायपुर प्रेस क्लब और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

यह आयोजन सिर्फ प्रतिमा अनावरण तक सीमित नहीं रहा। इसमें स्वर्गीय पत्रकार के योगदान को याद किया गया। साथ ही उनकी पत्रकारिता यात्रा की चर्चा भी हुई।

पंकज शर्मा पत्रकार के योगदान को किया गया याद

समारोह में पंकज शर्मा पत्रकार के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई। करीब एक घंटे की डॉक्यूमेंट्री में उनके कार्यों को दिखाया गया।

इसमें उनके लेखन और संवाद शैली की चर्चा हुई। देश-विदेश में किए गए उनके पत्रकारिता कार्य भी सामने रखे गए। डॉक्यूमेंट्री ने उनके व्यक्तित्व की कई विशेषताओं को सामने रखा।

वक्ताओं ने कहा कि उनकी पत्रकारिता केवल पेशा नहीं थी। उन्होंने इसे जिम्मेदारी और मिशन की तरह निभाया। उनकी लेखनी ने पत्रकारिता की एक पीढ़ी को प्रभावित किया।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि उनकी स्मृति को सम्मान देना जरूरी है। उन्होंने इसे रायपुर की पत्रकारिता परंपरा के सम्मान से जोड़ा।

पत्रकारिता को मिशन मानकर किया काम

स्वर्गीय पंकज शर्मा ने हिंदी पत्रकारिता में लंबा योगदान दिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्होंने अप्रैल 1956 में दैनिक नवभारत से शुरुआत की थी। बाद में वे नई दुनिया के संपादकीय विभाग से जुड़े।

दिल्ली में उन्होंने प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो में सह-संपादक के रूप में काम किया। इसके बाद रक्षा मंत्रालय में वरिष्ठ अनुवादक की जिम्मेदारी भी निभाई। सरकारी सेवा छोड़ने के बाद वे समाचार भारती से जुड़े।

विशेष संवाददाता के तौर पर उन्होंने देश के कई हिस्सों की यात्रा की। उन्हें कई प्रमुख राष्ट्रीय नेताओं के साथ यात्रा करने का अवसर मिला। उनकी संवाद क्षमता और लेखन शैली की भी सराहना हुई।

बृजमोहन अग्रवाल ने राष्ट्रीय पहचान का किया उल्लेख

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने स्वर्गीय पत्रकार के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि रायपुर की पत्रकारिता ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है।उनके अनुसार पंकज शर्मा इसी परंपरा के महत्वपूर्ण प्रतिनिधि रहे। उनकी लेखनी और प्रतिभा आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा है।

प्रतिमा के माध्यम से युवा पत्रकार उनके योगदान से परिचित हो सकेंगे। इससे पत्रकारिता के इतिहास को भी नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

पत्रकारिता से आगे भी सक्रिय रहा व्यक्तित्व

पंकज शर्मा पत्रकार केवल लेखन तक सीमित नहीं रहे। उपलब्ध विवरण के अनुसार उन्हें वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में भी रुचि थी।उन्होंने अखिल भारतीय वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया था। वर्ष 1968 में उन्हें अमेरिका में पत्रकारिता प्रशिक्षण का अवसर मिला।विश्व प्रेस संस्थान की छात्रवृत्ति पर उनका चयन हुआ था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक वे इस छात्रवृत्ति पर अमेरिका जाने वाले पहले हिंदी भाषी पत्रकार थे।उनका जीवन पत्रकारिता के प्रति निरंतर समर्पण का उदाहरण माना जाता है। इसी कारण उनकी स्मृति आज भी पत्रकारिता जगत में महत्वपूर्ण है।

स्मृति को संस्थागत रूप देने के प्रस्ताव

समारोह में विधायक अनुज शर्मा ने कई प्रस्ताव भी रखे। उन्होंने पंकज उद्यान का नाम बदलने का सुझाव दिया।उन्होंने इसे “पत्रकार पंकज शर्मा उद्यान” नाम देने की बात कही। खो-खो पारा स्थित स्कूल के नाम को भी बदलने का प्रस्ताव रखा गया।

इसके अलावा युवा पत्रकारों के लिए राज्य स्तरीय अलंकरण शुरू करने का सुझाव दिया गया। इस सम्मान को स्वर्गीय पंकज शर्मा के नाम से जोड़ने की बात कही गई।

पत्रकारिता विश्वविद्यालय की किसी प्रमुख इमारत का नाम भी उनके नाम पर रखने का सुझाव आया। उपस्थित अतिथियों ने इन प्रस्तावों का समर्थन किया।

पत्रकारिता के मूल्यों को आगे बढ़ाने का संदेश

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय पत्रकार का योगदान सिर्फ उनके समय तक सीमित नहीं है। उनकी पत्रकारिता आज भी नए पत्रकारों के लिए सीख देती है।

पंकज शर्मा पत्रकार की स्मृति में आयोजित समारोह ने पत्रकारिता के मूल्यों पर भी चर्चा की। लेखन की विश्वसनीयता और संवाद की जिम्मेदारी को महत्वपूर्ण बताया गया।

प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को उनके योगदान की याद दिलाएगी। साथ ही रायपुर की पत्रकारिता विरासत से नई पीढ़ी को जोड़ने का माध्यम बनेगी।

समारोह में प्रमुख रूप से सामने आए प्रस्ताव:

  • पंकज उद्यान का नाम “पत्रकार पंकज शर्मा उद्यान” रखने का सुझाव।
  • खो-खो पारा स्थित स्कूल का नाम उनके नाम पर रखने का प्रस्ताव।
  • युवा पत्रकारों के लिए राज्य स्तरीय सम्मान शुरू करने का सुझाव।
  • पत्रकारिता विश्वविद्यालय की प्रमुख इमारत का नाम उनके नाम पर रखने का प्रस्ताव।

पत्रकारिता की विरासत को संजोने की पहल

पंकज शर्मा पत्रकार की प्रतिमा का अनावरण रायपुर की पत्रकारिता परंपरा के लिए महत्वपूर्ण अवसर रहा। समारोह में उनके जीवन और कार्यों को सम्मानपूर्वक याद किया गया।

आयोजकों के अनुसार यह कार्यक्रम पत्रकारिता के मूल्यों को आगे बढ़ाने का संदेश भी देता है। उनकी स्मृति को संस्थागत रूप देने की दिशा में प्रस्ताव भी सामने आए।

रायपुर प्रेस क्लब, अखंड ब्राह्मण समाज छत्तीसगढ़ और विप्र सांस्कृतिक भवन प्रबंधन समिति के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित हुआ।

कुल मिलाकर, यह आयोजन एक वरिष्ठ पत्रकार के योगदान को याद करने का अवसर बना। साथ ही नई पीढ़ी को पत्रकारिता की जिम्मेदारियों से जोड़ने का संदेश भी दिया गया।



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