रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जशपुर में शिक्षा अधोसंरचना का विस्तार किया जा रहा है। जिले में आदिवासी छात्रावास भवनों के निर्माण को बड़ी मंजूरी मिली है। कुल 24 पोस्ट मैट्रिक और प्री-मैट्रिक छात्रावास बनाए जाएंगे। इन निर्माण कार्यों के लिए ₹77 करोड़ 86 लाख की स्वीकृति दी गई है।
सीएम के निर्देश पर 24 छात्रावास भवनों को मंजूरी
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जिले के अलग-अलग विकासखंडों में छात्रावास भवन बनाए जाएंगे। इनमें अनुसूचित जनजाति बालक और कन्या छात्रावास शामिल हैं। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
स्वीकृत कार्यों में पोस्ट मैट्रिक और प्री-मैट्रिक दोनों स्तर के छात्रावास शामिल हैं। इससे माध्यमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा मिल सकेगी।
कई स्थानों पर पोस्ट मैट्रिक छात्रावास भवन के लिए ₹1 करोड़ 92 लाख स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, प्री-मैट्रिक छात्रावासों के लिए कई जगह ₹1 करोड़ 53 लाख की मंजूरी मिली है।
आदिवासी छात्रावास से दूरस्थ विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
जशपुर के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को नए भवनों का सीधा लाभ मिलेगा। उन्हें शिक्षण संस्थानों के नजदीक रहने की सुविधा मिल सकेगी। इससे पढ़ाई के लिए लंबी दूरी तय करने की परेशानी कम होगी।
नए भवनों में विद्यार्थियों को सुरक्षित और सुविधायुक्त आवास मिल सकेगा। साथ ही, पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण तैयार होगा। इससे विद्यार्थियों की शिक्षा तक पहुंच आसान बनाने में मदद मिलेगी।
जशपुर के कई क्षेत्रों में बनेंगे नए छात्रावास
स्वीकृत निर्माण कार्यों में लोदाम, पैकू, मनोरा और बगीचा शामिल हैं। रौनी, पतराटोली और दुलदुला में भी छात्रावास भवन बनाए जाएंगे। कुनकुरी, पंडरीपानी और तपकरा में भी निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं।
इसके अलावा लवाकेरा, दोकड़ा और कांसाबेल में भी नए छात्रावास बनेंगे। बटईकेला और कोतबा में भी छात्रावास भवनों के लिए राशि मंजूर हुई है। बागबहार और गाला में प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास भी बनाए जाएंगे।
कांसाबेल में पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास के लिए ₹2 करोड़ 89 लाख स्वीकृत हुए हैं। वहीं, प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास के लिए ₹1 करोड़ 53 लाख मंजूर किए गए हैं।
शिक्षा के साथ आवासीय सुविधाओं पर भी जोर
आदिवासी छात्रावास विद्यार्थियों को केवल रहने की सुविधा उपलब्ध नहीं कराएंगे। इनके जरिए अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर भी जोर है। दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित आवास विशेष रूप से उपयोगी होगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर शिक्षा से जुड़ी अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। छात्रावास निर्माण से विद्यार्थियों की दैनिक जरूरतों से जुड़ी सुविधाओं का भी विस्तार होगा।
छात्रावास निर्माण से मजबूत होगी शिक्षा व्यवस्था
आदिवासी छात्रावास के नए भवन बनने से जशपुर की आवासीय शिक्षा व्यवस्था का विस्तार होगा। अलग-अलग विकासखंडों में सुविधाएं विकसित होने से विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर लाभ मिलेगा।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित और सुविधायुक्त वातावरण देना है। साथ ही, उन्हें पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराना भी इसका अहम हिस्सा है।
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