शिक्षा मंत्री ने छत्तीसगढ़ में साईंश्योर न्यूट्रिशन कार्यक्रम का किया शुभारंभ

गजेन्द्र यादव, साईंश्योर न्यूट्रिशन, छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग

रायपुर, 2 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में स्कूली बच्चों के पोषण को बढ़ावा देने के लिए नई पहल शुरू हुई है। शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने साईंश्योर न्यूट्रिशन कार्यक्रम के पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम श्री सत्य साईं अन्नपूर्णा ट्रस्ट के सहयोग से शुरू किया गया है।

पहले चरण में रायपुर जिले के तीन सरकारी स्कूलों के लगभग 500 बच्चों को निःशुल्क पोषण सहयोग मिलेगा। इस पहल का उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य और समग्र विकास को प्रोत्साहित करना है। साथ ही, बेहतर पोषण के जरिए उनकी एकाग्रता और सीखने की क्षमता को बढ़ावा देना है।

तीन सरकारी स्कूलों के बच्चों को मिलेगा लाभ

इस परियोजना के अंतर्गत तीन विद्यालयों का चयन किया गया है। इनमें नवीन प्राथमिक शाला नवागांव, प्राथमिक एवं मिडिल स्कूल परसदा शामिल हैं। इसके अलावा शासकीय विद्यालय छेरीखेड़ी के बच्चों को भी लाभ मिलेगा।

पहले चरण में लगभग 500 विद्यार्थियों को नियमित पोषण सहयोग दिया जाएगा। इस पहल से बच्चों के स्वास्थ्य और पढ़ाई पर सकारात्मक प्रभाव डालने का लक्ष्य है। कार्यक्रम के अनुभवों के आधार पर इसके विस्तार पर विचार किया जाएगा।

पोषण और शिक्षा को जोड़ने की पहल

शुभारंभ कार्यक्रम में श्री सत्य साईं अन्नपूर्णा ट्रस्ट के ट्रस्टी आनंद कडली मौजूद रहे। शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक और श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल की टीम भी शामिल हुई। अतिथियों ने बच्चों को पोषण सामग्री वितरित करके कार्यक्रम की शुरुआत की।

ट्रस्ट के अनुसार, उसकी प्रातःकालीन पोषण सेवा देश के 25 राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों तक पहुंच चुकी है। इस सेवा के माध्यम से एक करोड़ से अधिक स्कूली बच्चों को लाभ देने की जानकारी दी गई है।

मुख्यमंत्री की मुलाकात के बाद आगे बढ़ी पहल

जुलाई 2026 में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सत्य साईं ग्राम, मुद्देनहल्ली का दौरा किया था। वहां उन्होंने सद्गुरु मधुसूदन साईं से मुलाकात की थी। इस दौरान पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई थी।

इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में साईंश्योर न्यूट्रिशन कार्यक्रम शुरू करने की पहल आगे बढ़ी। शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि पोषण बच्चों की सीखने की क्षमता से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। पायलट प्रोजेक्ट के अनुभवों के आधार पर भविष्य में इसे दूसरे क्षेत्रों तक विस्तारित करने की योजना है।

कार्यक्रम से जुड़ी प्रमुख जानकारी

  • लाभार्थी: रायपुर जिले के लगभग 500 स्कूली बच्चे।
  • विद्यालय: नवागांव, परसदा और छेरीखेड़ी के सरकारी स्कूल।
  • सहयोगी संस्था: श्री सत्य साईं अन्नपूर्णा ट्रस्ट।
  • मुख्य उद्देश्य: बच्चों के स्वास्थ्य, एकाग्रता और सीखने की क्षमता को प्रोत्साहित करना।
  • आगे की योजना: पायलट प्रोजेक्ट के अनुभवों के आधार पर विस्तार की संभावना।




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