मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 30 सितंबर को कैबिनेट बैठक हुई। छत्तीसगढ़ कैबिनेट फैसले में अतिथि व्याख्याता नीति-2026 को मंजूरी दी गई। बैठक मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित हुई।
संशोधित नीति में मेरिट सूची को लेकर नियम स्पष्ट किए गए हैं। समान अंक होने पर छत्तीसगढ़ के मूल निवासी को वरीयता मिलेगी। यह प्रावधान समान श्रेणी के अभ्यर्थियों पर लागू होगा।
विश्वविद्यालय के अध्यापन अनुभव को मिलेगा लाभ
नई व्यवस्था में अनुभव के अंकों को भी स्पष्ट किया गया है। अधिकतम 30 अनुभव अंकों का प्रावधान जारी रहेगा। राजकीय विश्वविद्यालय में पांच महीने अध्यापन पर पांच अंक मिलेंगे।
यह लाभ एक शैक्षणिक सत्र में पूरा किए गए अध्यापन कार्य पर मिलेगा। इससे विश्वविद्यालयों में पढ़ा चुके अतिथि व्याख्याताओं को फायदा होगा।
विस्थापित अतिथि व्याख्याताओं के लिए अवसर
सरकार ने विस्थापित अतिथि व्याख्याताओं के अनुभव का उपयोग करने का फैसला किया है। उन्हें रिक्त पदों पर पुनर्नियोजन का अवसर मिलेगा।
इसके अलावा मानदेय व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। अब कालखंड की जगह कार्य-दिवस आधारित मानदेय व्यवस्था लागू होगी। कार्य-दायित्व और कार्य-अवधि भी स्पष्ट की गई है।
‘हनुमान अंश’ फिल्म को टैक्स राहत
कैबिनेट ने फिल्म ‘हनुमान अंश’ से जुड़े आदेश का भी अनुसमर्थन किया। मुख्यमंत्री ने 10 सितंबर को फिल्म को टैक्स फ्री करने की घोषणा की थी।
अब सिनेमाघरों को SGST के बराबर राशि की प्रतिपूर्ति की जाएगी। इसके लिए वाणिज्यिक कर विभाग ने आदेश जारी किया था। कैबिनेट ने इस आदेश को मंजूरी दी।
पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण
छत्तीसगढ़ कैबिनेट फैसले में पूर्व अग्निवीरों से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्णय भी हुआ। राज्य की तृतीय श्रेणी सिविल सेवाओं में 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान पहले किया गया था।
अब इसके लिए भर्ती नियमों को मंजूरी दी गई है। नए नियमों में नियुक्ति और सेवा शर्तें तय की गई हैं। भर्ती के मापदंड और चयन प्रक्रिया भी निर्धारित होगी।
पुलिस और वन विभाग में मिलेगा लाभ
पूर्व अग्निवीरों को कई विभागों में आरक्षण का लाभ मिलेगा। पुलिस विभाग में आरक्षक पद इसके दायरे में आएगा। वन विभाग में वनरक्षक पद पर भी लाभ मिलेगा।
जेल विभाग के जेल प्रहरी पद को भी इसमें शामिल किया गया है। इससे पूर्व अग्निवीरों के लिए राज्य की भर्तियों में अवसर बढ़ेंगे।
भर्ती प्रक्रिया के लिए नए नियम तय
छत्तीसगढ़ कैबिनेट फैसले के तहत लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम-2026 को मंजूरी मिली है। इन नियमों से आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया स्पष्ट होगी।
नियमों में पात्रता और चयन से जुड़ी व्यवस्था निर्धारित की गई है। इससे संबंधित विभागों में भर्ती प्रक्रिया के लिए एक तय ढांचा मिलेगा।
शिक्षा और रोजगार से जुड़े फैसलों पर जोर
बैठक में लिए गए फैसलों का संबंध शिक्षा और रोजगार से भी है। अतिथि व्याख्याता नीति में अनुभव और मानदेय को स्पष्ट किया गया है।
वहीं पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। साथ ही फिल्म क्षेत्र से जुड़े टैक्स प्रतिपूर्ति आदेश का भी अनुसमर्थन हुआ।
तीन फैसलों से बदलेगी संबंधित व्यवस्था
छत्तीसगढ़ कैबिनेट फैसले में तीन अलग क्षेत्रों से जुड़े निर्णय सामने आए। शिक्षा क्षेत्र में अतिथि व्याख्याताओं की नीति बदली गई। फिल्म क्षेत्र में SGST प्रतिपूर्ति का रास्ता साफ हुआ।
पूर्व अग्निवीरों के लिए भर्ती नियमों को मंजूरी मिली। इन निर्णयों के लागू होने के बाद संबंधित विभाग आगे की प्रक्रिया पूरी करेंगे।
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