रायपुर में आईसीएफएआई विश्वविद्यालय का तृतीय दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ। समारोह में राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीक के संतुलित उपयोग की सलाह दी।
राज्यपाल ने कहा कि आज के विद्यार्थी इंटरनेट युग में पढ़ाई कर रहे हैं। तकनीक ने शिक्षा और ज्ञान के कई नए रास्ते खोले हैं। हालांकि, इसके गलत इस्तेमाल से कई समस्याएं भी पैदा हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि डिजिटल एडिक्शन आज गंभीर चुनौती बन चुका है। विद्यार्थियों को इसके दुष्प्रभावों से बचने की जरूरत है। साथ ही, तकनीक का उपयोग मानव हित में करने की सलाह दी।
डिजिटल एडिक्शन को लेकर राज्यपाल ने क्या कहा?
राज्यपाल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते महत्व पर भी बात की। उन्होंने कहा कि एआई आज के समय में जरूरी तकनीक बन गई है। हालांकि, इसका इस्तेमाल जरूरत के अनुसार ही होना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीक का सदुपयोग करने की सलाह दी। साथ ही, इसके कारण होने वाली निर्भरता से बचने को कहा।
राज्यपाल ने कहा कि इंटरनेट और डिजिटल माध्यम उपयोगी साधन हैं। लेकिन इनका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल नुकसानदायक हो सकता है।
डिजिटल एडिक्शन से बचने के लिए छात्रों को सलाह
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से पढ़ाई और अपने लक्ष्य पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने भगवद्गीता के कर्मयोग का उदाहरण भी दिया।
उन्होंने कहा कि व्यक्ति को अपने कर्म पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। दूसरों की सोच को लेकर अधिक चिंता नहीं करनी चाहिए।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अर्जित ज्ञान जीवनभर उनके साथ रहेगा।
दीक्षांत समारोह में 504 विद्यार्थियों को मिली उपाधि
आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के समारोह में विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। वर्ष 2025 और 2026 के शैक्षणिक सत्र के विद्यार्थी शामिल हुए।
कुल 504 विद्यार्थियों को स्नातक और स्नातकोत्तर उपाधियां प्रदान की गईं। वहीं, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पदक भी दिए गए।
- विद्यार्थियों को मिले प्रमुख सम्मान
- 19 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल प्रदान किया गया।
- 16 विद्यार्थियों को सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया।
- स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को उपाधियां मिलीं।
- विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह का आयोजन हुआ।
- राज्यपाल के संदेश की प्रमुख बातें
- तकनीक का इस्तेमाल जरूरत के अनुसार करने की सलाह।
- विद्यार्थियों से पढ़ाई और लक्ष्य पर ध्यान देने की अपील।
- नशे से दूर रहने का संदेश।
- मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की बात।
- विज्ञान और तकनीक को मानव हित से जोड़ने पर जोर।
छात्रों को जीवन का रोडमैप बनाने की सलाह
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से भविष्य की स्पष्ट योजना बनाने को कहा। उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से लक्ष्य हासिल करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि शिक्षा और डिग्री का उद्देश्य समाज के काम आना है। विज्ञान, तकनीक और नवाचार से मानव जीवन बेहतर होना चाहिए।
राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ को एजुकेशन हब बनाने की जरूरत भी बताई। उन्होंने प्रदेश में उपलब्ध लौह अयस्क की प्रचुरता का उल्लेख किया।
उन्होंने विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य पर भी बात की। इसके लिए समाज के हर वर्ग की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
डिजिटल एडिक्शन से बचने के साथ विद्यार्थियों को नशे से भी दूर रहने की सलाह दी गई। राज्यपाल ने स्वस्थ रहकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।
समारोह में डिफेंस साइंटिस्ट डॉ. वी. सतीश रेड्डी भी मौजूद रहे। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रोफेसर आर.पी. कौशिक ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया।
कुलपति प्रोफेसर डॉ. शिव दयाल पांडे ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय का प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किया।
समारोह में शासी परिषद और कार्य परिषद के सदस्य मौजूद रहे। अधिष्ठाता, प्राध्यापक, विद्यार्थी और उनके पालक भी शामिल हुए।
राज्यपाल का संदेश शिक्षा के साथ जिम्मेदार तकनीकी उपयोग पर केंद्रित रहा। डिजिटल एडिक्शन से बचाव आज विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण संदेश बनकर सामने आया।
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