रायपुर में राज्यपाल रमेन डेका ने कुशाभाऊ ठाकरेजिम्मेदार पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में दो महत्वपूर्ण केंद्रों का शुभारंभ किया। उन्होंने सावित्रीबाई फुले कन्या छात्रावास और मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित किया। उन्होंने पत्रकारिता में सत्य, तथ्य और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही।
राज्यपाल ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए समाचार प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की पूरी पुष्टि जरूरी है। उन्होंने कहा कि एक खबर का प्रभाव व्यक्ति और समाज दोनों पर पड़ सकता है। ऐसे में जिम्मेदार पत्रकारिता समय की महत्वपूर्ण जरूरत है।
जिम्मेदार पत्रकारिता में सत्य और तथ्य-जांच जरूरी
राज्यपाल ने कहा कि पत्रकारों को किसी भी समाचार को प्रसारित करने से पहले उसकी सत्यता जांचनी चाहिए। सोशल मीडिया के दौर में सूचनाएं बहुत तेजी से सामने आती हैं। हालांकि, हर उपलब्ध जानकारी सही हो, यह जरूरी नहीं है।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में जल्द खबर देने से ज्यादा महत्व सही खबर का है। खबर तथ्यपरक और जिम्मेदारी के साथ प्रस्तुत होनी चाहिए। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी जुड़ी है।
जिम्मेदार पत्रकारिता से मजबूत होगा लोकतंत्र
राज्यपाल ने कहा कि जिम्मेदार पत्रकारिता लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। पत्रकारों को समाचारों में जनहित को प्राथमिकता देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति से जुड़ी खबर प्रकाशित करने से पहले तथ्य सत्यापित करना जरूरी है। गलत जानकारी से व्यक्ति की प्रतिष्ठा प्रभावित हो सकती है। इसका असर व्यापक सामाजिक स्तर पर भी दिखाई दे सकता है।
सावित्रीबाई फुले कन्या छात्रावास का शुभारंभ
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में सावित्रीबाई फुले कन्या छात्रावास का उद्घाटन किया। उन्होंने सावित्रीबाई फुले के शिक्षा और महिला सशक्तीकरण के योगदान को याद किया।
उन्होंने कहा कि उनके नाम पर छात्रावास का नामकरण छात्राओं के लिए प्रेरणादायी होगा। यह सुविधा दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराएगी।
साथ ही, छात्राओं को उच्च शिक्षा और प्रतिभा विकास के लिए बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र की शुरुआत
विश्वविद्यालय में मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र का भी शुभारंभ किया गया। राज्यपाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने मीडिया के स्वरूप में तेजी से बदलाव किया है।
नई तकनीकों को समझना पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए जरूरी है। इसलिए शोध केंद्र विद्यार्थियों को एआई के जिम्मेदार उपयोग के लिए तैयार कर सकता है।
इसके अलावा, मीडिया क्षेत्र में तकनीकी बदलावों के अध्ययन को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रिंट मीडिया की विश्वसनीयता पर जोर
राज्यपाल ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया के विस्तार के बावजूद प्रिंट मीडिया की अपनी विश्वसनीयता बनी हुई है। उन्होंने पत्रकारिता को समाज के अंतिम व्यक्ति की समस्याओं को सामने लाने का माध्यम बताया।
उन्होंने कहा कि मीडिया को व्यवस्था में आवश्यक सुधार के लिए भी भूमिका निभानी चाहिए। समाज में कई ऐसे लोग हैं, जिनके उल्लेखनीय कार्य व्यापक स्तर पर सामने नहीं आ पाते।
ऐसे अनसुने नायक-नायिकाओं की उपलब्धियों को सामने लाना पत्रकारिता की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इससे समाज के अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिल सकती है।
विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने पर जोर
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में विद्यार्थी कल्याण को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता बताई।
उन्होंने विश्वविद्यालय में कम से कम एक हजार विद्यार्थियों का लक्ष्य निर्धारित करने का सुझाव दिया। साथ ही, संचालित पाठ्यक्रमों की आवश्यक मान्यता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता को भी महत्वपूर्ण बताया। विश्वविद्यालय में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
जिम्मेदार पत्रकारिता कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में कुलपति मनोज दयाल ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आशुतोष मंडावी ने किया। वे प्रबंधन विभाग के विभागाध्यक्ष हैं।
कुलसचिव सुनील कुमार शर्मा ने आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष, शिक्षक, प्राध्यापक और अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
एक नजर में
- राज्यपाल रमेन डेका ने विश्वविद्यालय में दो केंद्रों का शुभारंभ किया।
- सावित्रीबाई फुले कन्या छात्रावास का उद्घाटन हुआ।
- मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र शुरू किया गया।
- पत्रकारिता में सत्य और तथ्य को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
- सोशल मीडिया की सूचनाओं की तथ्य-जांच की आवश्यकता बताई गई।
- प्रिंट मीडिया की विश्वसनीयता का उल्लेख किया गया।
- विश्वविद्यालय में एक हजार विद्यार्थियों का लक्ष्य रखने का सुझाव दिया गया।
मुख्य बातें
- पत्रकारिता: सत्य, तथ्य और जनहित को प्राथमिकता।
- तथ्य-जांच: खबर प्रकाशित करने से पहले सत्यापन जरूरी।
- एआई: नई तकनीकों के जिम्मेदार उपयोग पर जोर।
- महिला शिक्षा: छात्राओं के लिए सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण।
- मीडिया की भूमिका: समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज सामने लाना।
- शिक्षा: पाठ्यक्रमों की मान्यता और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान।
कुल मिलाकर, राज्यपाल रमेन डेका का संबोधन पत्रकारिता की मूल जिम्मेदारियों पर केंद्रित रहा। उन्होंने मीडिया विद्यार्थियों से तकनीक के साथ नैतिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया। जिम्मेदार पत्रकारिता ही विश्वसनीय सूचना और मजबूत लोकतांत्रिक संवाद का आधार बन सकती है।
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