टीवी कॉमेडी शो भाबीजी घर पर हैं ने दर्शकों के बीच अपनी खास जगह बनाई है। शो का प्रसारण 2 मार्च 2015 को शुरू हुआ था। इसके बाद कहानी के साथ कलाकारों की कास्ट में भी कई बदलाव देखने को मिले।
कुछ कलाकारों ने दूसरे प्रोजेक्ट्स के लिए शो छोड़ा। वहीं, कुछ कलाकारों का सफर दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थितियों के कारण खत्म हुआ। इसके बावजूद शो की लोकप्रियता लगातार बनी रही।
शिल्पा शिंदे ने निभाया था पहला अंगूरी भाभी किरदार
शिल्पा शिंदे ने शो में अंगूरी भाभी का पहला चर्चित किरदार निभाया था। उनके देसी अंदाज और संवादों को दर्शकों ने खूब पसंद किया।
हालांकि, साल 2016 में उन्होंने शो छोड़ दिया। इसके बाद यह भूमिका शुभांगी अत्रे को मिली। शुभांगी ने लंबे समय तक इस किरदार को अपनी पहचान दी।
अनीता भाभी के किरदार में भी हुए बदलाव
शो में अनीता भाभी यानी गोरी मैम का किरदार भी कई कलाकारों ने निभाया। सौम्या टंडन इस भूमिका के लिए काफी लोकप्रिय हुईं।
साल 2020 में उन्होंने शो से दूरी बना ली। इसके बाद नेहा पेंडसे ने अनीता भाभी की भूमिका संभाली। हालांकि, उनका जुड़ाव भी ज्यादा लंबा नहीं रहा।
इस तरह भाबीजी घर पर हैं की महिला स्टारकास्ट में समय के साथ कई बदलाव आए।
शुभांगी अत्रे ने भी शो को कहा अलविदा
शुभांगी अत्रे ने अंगूरी भाभी के किरदार को लंबे समय तक निभाया। उनका मासूम अंदाज और खास संवाद दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय रहे।
करीब एक दशक तक इस भूमिका से जुड़ने के बाद उन्होंने 2025 में शो छोड़ दिया। उनके जाने के बाद दर्शकों के बीच नए कलाकार और किरदार को लेकर भी चर्चा हुई।
दीपेश भान का निधन रहा भावुक मोड़
शो के लोकप्रिय कलाकार दीपेश भान ने मलखान का किरदार निभाया था। उनका कॉमिक अंदाज दर्शकों को खूब पसंद आता था।
जुलाई 2022 में दीपेश भान का अचानक निधन हो गया। उनकी मौत की खबर ने टीवी इंडस्ट्री और शो के प्रशंसकों को गहरा सदमा दिया। इसके बाद मलखान का किरदार भी शो का हिस्सा नहीं रहा।
आज ये कलाकार संभाल रहे हैं कहानी
वर्तमान में शो से कई पुराने और नए कलाकार जुड़े हुए हैं। आसिफ शेख और रोहिताश्व गौर जैसे कलाकार लंबे समय से इसका हिस्सा हैं।
विदिशा श्रीवास्तव भी अनीता भाभी की भूमिका निभा चुकी हैं। वहीं योगेश त्रिपाठी जैसे कलाकारों ने अपने किरदारों से शो की कॉमेडी को मजबूत बनाए रखा है।
भाबीजी घर पर हैं की खासियत इसके अलग-अलग किरदार और उनकी आपसी नोकझोंक रही है। इसी वजह से कलाकारों में बदलाव के बावजूद शो की पहचान कायम रही है।
मिश्रा और तिवारी परिवार की कहानी
शो की कहानी मुख्य रूप से दो पड़ोसी परिवारों के आसपास घूमती है। एक तरफ मिश्रा परिवार है, जबकि दूसरी ओर तिवारी परिवार नजर आता है।
विभूति नारायण मिश्रा और मनमोहन तिवारी अपनी पड़ोस की महिलाओं को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं। यही कोशिश कहानी में हास्य और कई मजेदार परिस्थितियां पैदा करती है।
क्यों खास रहा शो का सफर?
भाबीजी घर पर हैं की लोकप्रियता का बड़ा कारण इसके मजबूत कॉमिक किरदार हैं। शो ने रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई हास्य प्रसंगों को मनोरंजक अंदाज में पेश किया।
हालांकि, दस साल के सफर में कलाकारों का बदलना स्वाभाविक रहा। इसके बावजूद दर्शकों ने नए चेहरों और किरदारों को भी समय के साथ स्वीकार किया।
कुल मिलाकर, शो का एक दशक कलाकारों के आने-जाने और यादगार किरदारों से भरा रहा है। पुराने कलाकारों की यादें आज भी दर्शकों के बीच चर्चा में रहती हैं।
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