कंगना रनौत और बाबा रामदेव विवाद बढ़ा

कंगना रनौत

भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उनका विवाद योग गुरु बाबा रामदेव से जुड़ा है। दोनों के बीच यह मामला जेन जी को लेकर दिए गए बयान के बाद शुरू हुआ।

कंगना ने जंतर-मंतर से जुड़े प्रदर्शन के संदर्भ में जेन जी को लेकर टिप्पणी की थी। उनके बयान पर सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर प्रतिक्रियाएं आईं। बाबा रामदेव ने भी इस टिप्पणी की आलोचना की। उन्होंने कंगना के पुराने जीवन और उनकी युवावस्था को लेकर सवाल उठाए।

निजी जिंदगी पर टिप्पणी से नाराज हुईं कंगना

रामदेव की टिप्पणी के बाद कंगना रनौत ने सोशल मीडिया के जरिए पलटवार किया। उन्होंने कहा कि किसी को उनके निजी जीवन या युवावस्था के बारे में अनुमान नहीं लगाना चाहिए। उन्होंने रामदेव को अपने चरित्र पर टिप्पणी नहीं करने की सलाह भी दी।

कंगना ने सवाल उठाया कि रामदेव ने उनकी युवावस्था को आखिर किस आधार पर देखा या समझा। उन्होंने अपने जवाब में बेडरूम से जुड़ा तंज भी किया। इस बयान के बाद दोनों के बीच सार्वजनिक बहस और तेज हो गई।

कारोबार को लेकर भी साधा निशाना

मामले ने तब नया मोड़ लिया, जब कंगना रनौत ने रामदेव के कारोबारी सफर पर भी सवाल उठाए। एक साक्षात्कार में उन्होंने योग और आयुर्वेद से कारोबार की दिशा में बढ़ने को लेकर अपनी राय रखी।

उन्होंने कहा कि सनातन दर्शन और अत्यधिक पूंजीवादी सोच के बीच मतभेद हो सकता है। कंगना ने रामदेव के कारोबार से जुड़े उत्पादों का उल्लेख करते हुए भी उनकी आलोचना की।

हालांकि, यह कंगना की व्यक्तिगत टिप्पणी और राजनीतिक बहस का हिस्सा है। इसे किसी आधिकारिक निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

रामदेव ने कंगना के बयान पर क्या कहा था

बाबा रामदेव ने जेन जी पर कंगना की टिप्पणी को गलत बताया था। उन्होंने सवाल किया था कि अभिनेत्री की शिक्षा, बचपन और युवावस्था कैसी रही। उन्होंने कहा था कि युवाओं को इस तरह संबोधित करना उचित नहीं है।

रामदेव ने बाद में विवाद को आगे बढ़ाने से भी इनकार किया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में इस मुद्दे पर आगे टिप्पणी नहीं करने की बात कही।

सुप्रीम कोर्ट के पुराने मामले का भी जिक्र

जवाब देते हुए कंगना रनौत ने रामदेव और पतंजलि से जुड़े पुराने मामले का भी संदर्भ दिया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कथित भ्रामक दावों से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के मामले का उल्लेख किया।

यह मामला 2024 में पतंजलि के विज्ञापनों से संबंधित था। उस दौरान रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष बिना शर्त माफी मांगी थी।

विवाद पर रामदेव ने साधी चुप्पी

हालिया घटनाक्रम में रामदेव ने कंगना के आरोपों पर विस्तार से प्रतिक्रिया देने से परहेज किया। उन्होंने विवाद को आगे नहीं बढ़ाने का संकेत दिया। दूसरी ओर, कंगना के बयानों से सोशल मीडिया पर बहस जारी है।

कुल मिलाकर, जेन जी पर टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद अब निजी टिप्पणियों और कारोबारी मुद्दों तक पहुंच गया है। दोनों पक्षों के बयानों के कारण यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।


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