मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षा और रोजगार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव हैं। उन्होंने रायपुर में आयोजित आईबीसी24 ‘स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप 2026’ कार्यक्रम में यह बात कही।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की मेधावी छात्राओं को सम्मानित किया। उन्होंने छात्राओं को छात्रवृत्ति और सम्मान पत्र प्रदान किए। इस दौरान बेमेतरा की प्रदेश टॉपर ओमनी वर्मा को एक लाख रुपये की राशि दी गई।
उनके विद्यालय को भी एक लाख रुपये का पुरस्कार मिला। मुख्यमंत्री ने बालिका शिक्षा पर आधारित ‘मेधा’ पुस्तक का विमोचन भी किया।
शिक्षा और रोजगार के लिए बढ़ रहे अवसर
राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक जरूरतों से जोड़ने पर जोर दे रही है। इसके तहत विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर सुविधाएं दी जा रही हैं।
प्रदेश में 34 स्थानों पर नालंदा परिसर विकसित किए जा रहे हैं। यहां युवाओं को पढ़ाई के लिए सुविधाजनक वातावरण मिलेगा। साथ ही, नई दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में छत्तीसगढ़ के जनजातीय विद्यार्थियों को सुविधाएं दी जा रही हैं।
इस वर्ष हॉस्टल में तैयारी करने वाले 13 विद्यार्थियों ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा पास की है। यह उपलब्धि बेहतर संसाधनों के महत्व को रेखांकित करती है।
एआई मिशन से तकनीकी शिक्षा को मिलेगा विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते दौर में विद्यार्थियों को नई तकनीकों से जोड़ना जरूरी है। इसी उद्देश्य से छत्तीसगढ़ एआई मिशन शुरू किया जा रहा है।
इस मिशन के लिए 500 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को भविष्य की तकनीक के लिए तैयार करना है।
इसके अलावा, राज्य में निवेश बढ़ाने के प्रयास भी जारी हैं। नई औद्योगिक नीति 2024-30 के तहत लगभग आठ लाख करोड़ रुपये के निवेश के एमओयू होने की जानकारी दी गई।
रोजगार मेलों से युवाओं को मिलेगा सीधा अवसर
राज्य सरकार स्थानीय युवाओं को उद्योगों से जोड़ने की तैयारी कर रही है। बारिश के बाद प्रदेश में रोजगार मेलों का आयोजन प्रस्तावित है।
इन मेलों के जरिए युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध नौकरियों की जानकारी मिलेगी। साथ ही, कंपनियों और नौकरी तलाशने वाले युवाओं के बीच सीधा संपर्क बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा और रोजगार के अवसर साथ-साथ बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए उद्योगों को स्थानीय युवाओं को रोजगार देने पर विशेष प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है।
बस्तर में शिक्षा और विकास को मिल रही नई गति
मुख्यमंत्री ने बस्तर में शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास की बढ़ती गतिविधियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शांति के वातावरण के साथ दूरस्थ क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिली है।
जगरगुंडा और ओरछा जैसे क्षेत्रों में शिक्षा से जुड़ी नई पहल शुरू की जा रही है। इसके अलावा, बस्तर में पर्यटन को रोजगार के नए माध्यम के रूप में विकसित किया जा रहा है।
चित्रकोट और कुटुमसर जैसे पर्यटन स्थलों के साथ स्थानीय होमस्टे को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
मेधावी छात्राओं को मिला सम्मान
स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने छात्राओं की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बेटियों की सफलता परिवार और प्रदेश दोनों के लिए गौरव का विषय है।
उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने की अपील की। साथ ही, निरंतर मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसलिए राज्य सरकार शिक्षा, तकनीक और उद्योगों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर काम कर रही है।
मुख्य बातें
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
- प्रदेश की टॉपर बेटियों को सम्मानित कर छात्रवृत्ति प्रदान की गई।
- बेमेतरा की ओमनी वर्मा को एक लाख रुपये की छात्रवृत्ति मिली।
- प्रदेश में 34 स्थानों पर नालंदा परिसर विकसित किए जा रहे हैं।
- एआई मिशन के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
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