सीजेपी के सह-संयोजक सौरव दास ने दावा किया कि पुडुचेरी पुलिस उनके घर पहुंची और परिवार से पूछताछ की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई केंद्र सरकार के इशारे पर की गई। उनके अनुसार, इसका उद्देश्य परिवार को डराना और उन पर दबाव बनाना था।
सौरव दास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कई सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि पुलिस को उनके घर भेजने का आदेश किसने दिया। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि कार्रवाई के पीछे क्या कानूनी आधार था। उनके अनुसार, ऐसी कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
मुख्य बातें
- सीजेपी नेता ने परिवार से पूछताछ पर सवाल उठाए।
- केंद्र सरकार पर परिवार को डराने का आरोप लगाया।
- अमित शाह के हालिया पुडुचेरी दौरे का भी जिक्र किया।
- पुडुचेरी पुलिस ने आरोपों को खारिज किया।
- पुलिस ने कार्रवाई को नियमित सुरक्षा जांच बताया।
सौरव दास पूछताछ पर पुलिस का पक्ष
पुडुचेरी पुलिस ने स्पष्ट किया कि सौरव दास पूछताछ से जुड़ी घटना किसी विशेष व्यक्ति को निशाना बनाने के लिए नहीं थी। पुलिस के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए यह नियमित सत्यापन अभियान चलाया जा रहा था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वीआईपी आवागमन वाले क्षेत्रों में घरों, होटलों और आसपास के स्थानों की जांच की जा रही है। इस दौरान यह जानकारी जुटाई जाती है कि हाल में कोई नया व्यक्ति वहां ठहरा है या नहीं। अधिकारियों ने कहा कि इसी प्रक्रिया के तहत संबंधित घर पर भी पूछताछ की गई थी।
अमित शाह के दौरे को लेकर उठे सवाल
सौरव दास ने अपने बयान में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया पुडुचेरी दौरे का उल्लेख भी किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या दौरे के दौरान हुई बैठकों में उनके परिवार को लेकर कोई रणनीति बनाई गई थी। हालांकि, इस संबंध में उन्होंने कोई प्रत्यक्ष प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया।
दूसरी ओर, पुलिस ने दोहराया कि सुरक्षा अभियान का किसी राजनीतिक गतिविधि से संबंध नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, यह प्रक्रिया हर वर्ष राष्ट्रीय पर्वों से पहले अपनाई जाती है।
क्या है पूरा मामला?
- सौरव दास ने परिवार से पूछताछ को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
- पुलिस ने इसे सामान्य सुरक्षा सत्यापन बताया।
- दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं।
- अब यह मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।
- फिलहाल किसी स्वतंत्र जांच की घोषणा नहीं हुई है।
निष्कर्ष
सौरव दास पूछताछ को लेकर राजनीतिक आरोप और पुलिस की सफाई आमने-सामने हैं। एक ओर सीजेपी नेता इसे परिवार को डराने की कोशिश बता रहे हैं। दूसरी ओर पुडुचेरी पुलिस का कहना है कि पूरी कार्रवाई स्वतंत्रता दिवस से पहले की नियमित सुरक्षा प्रक्रिया का हिस्सा थी। आगे यदि इस मामले में कोई नया आधिकारिक बयान या जांच सामने आती है, तो तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
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