स्वतंत्रता दिवस से पहले राजधानी रायपुर में भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वयं हाथ में तिरंगा लेकर हजारों नागरिकों के साथ यात्रा का नेतृत्व किया। इस दौरान पूरे शहर में राष्ट्रभक्ति का माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगा केवल राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और असंख्य बलिदानों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह 140 करोड़ भारतीयों को एक सूत्र में जोड़ने की शक्ति रखता है।
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानियों को किया नमन
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। उन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह और महान जननायक गुण्डाधुर को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से परिचित कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। इससे युवाओं में राष्ट्र के प्रति समर्पण और कर्तव्य की भावना मजबूत होगी।
तिरंगा यात्रा में विद्यार्थियों और युवाओं का उत्साह बना आकर्षण
यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण लगभग एक किलोमीटर लंबा तिरंगा रहा। स्कूली छात्र-छात्राओं ने अनुशासित पंक्तियों में इसे थामकर राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। युवाओं, महिलाओं, पूर्व सैनिकों और विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोगों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया। जगह-जगह नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।
बदलते बस्तर को लेकर मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर अब शांति, विकास और विश्वास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पहले भय का माहौल था, वहां अब विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं। इस वर्ष बस्तर में भी स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा और गांव-गांव में तिरंगा फहराया जाएगा।
मुख्य बातें
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में भव्य यात्रा का नेतृत्व किया।
- हजारों नागरिकों ने राष्ट्रीय ध्वज के साथ भागीदारी निभाई।
- एक किलोमीटर लंबा तिरंगा आकर्षण का केंद्र बना।
- वीर नारायण सिंह और गुण्डाधुर को श्रद्धांजलि दी गई।
- हर घर तिरंगा अभियान से जुड़ने का आह्वान किया गया।
एक नजर में
- स्थान: रायपुर
- अवसर: स्वतंत्रता दिवस से पूर्व आयोजन
- मुख्य आकर्षण: एक किलोमीटर लंबा तिरंगा
- प्रमुख संदेश: राष्ट्र सर्वोपरि और राष्ट्रीय एकता
- विशेष उपस्थिति: विद्यार्थी, महिलाएं, पूर्व सैनिक और जनप्रतिनिधि
यह भी पढ़ें : Supreme Court में ड्रग तस्करी मामला: केंद्र से जवाब तलब, सुधार की मांग