JPSC JSSC Protest: विधानसभा मार्च के बीच छात्रों का प्रदर्शन तेज

JPSC JSSC Protest

झारखंड में JPSC JSSC Protest ने सोमवार को नया मोड़ ले लिया। रांची में बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा की ओर मार्च करते हुए बैरिकेड पार कर गए। प्रदर्शनकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने भी मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर राज्य सरकार पर निशाना साधा।

JPSC JSSC Protest के बीच विधानसभा मार्च पर कड़ी सुरक्षा

रांची में विधानसभा घेराव को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग और रेजर फेंसिंग लगाई गई। विधानसभा के 750 मीटर दायरे में धारा 163 लागू की गई। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी छात्र शांतिपूर्ण मार्च करते हुए आगे बढ़ते रहे। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

छात्रों की प्रमुख मांगें क्या हैं?

आंदोलन कर रहे छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है। उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं।

  • भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच।
  • वर्ष 2019 के बाद हुई कुछ परीक्षाओं को रद्द करने की मांग।
  • OMR कॉपी और रिस्पॉन्स शीट उपलब्ध कराना।
  • श्रेणीवार कटऑफ सार्वजनिक करना।
  • UPSC और SSC की तरह नियमित भर्ती कैलेंडर जारी करना।
  • दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई।

छात्रों का दावा है कि इन मांगों पर अभी तक संतोषजनक निर्णय नहीं लिया गया है।

JPSC JSSC Protest में सरकार और छात्रों की वार्ता क्यों विफल रही?

राज्य सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई। सरकार ने दावा किया कि अधिकांश मांगें स्वीकार कर ली गई हैं। हालांकि, छात्र संगठनों ने इस दावे को खारिज किया। उनका कहना है कि मुख्य मुद्दों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया। इसी कारण आंदोलन जारी रखने का फैसला किया गया।

ED जांच से मामले को मिली नई दिशा

झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने ECIR दर्ज की है। इससे जांच प्रक्रिया को नई गति मिलने की संभावना मानी जा रही है। अब जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर भी सभी की नजर बनी हुई है।

मुख्य अपडेट

  • छात्र विधानसभा की ओर मार्च करते हुए बैरिकेड पार कर गए।
  • भाजपा ने मुख्यमंत्री आवास के घेराव का कार्यक्रम चलाया।
  • सुरक्षा के लिए धारा 163 लागू की गई।
  • कई क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
  • भर्ती परीक्षाओं की जांच प्रमुख मुद्दा बनी हुई है।

आंदोलन का आगे क्या असर हो सकता है?

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार और छात्र संगठनों के बीच जल्द सहमति नहीं बनती, तो आंदोलन और व्यापक हो सकता है। दूसरी ओर, जांच एजेंसियों की कार्रवाई और सरकार के अगले कदम पर भी स्थिति निर्भर करेगी। इसलिए आने वाले दिनों में यह मामला राज्य की राजनीति और भर्ती प्रक्रिया दोनों के लिए महत्वपूर्ण बना रहेगा।

एक नजर में

  • रांची में विधानसभा मार्च के दौरान सुरक्षा बढ़ाई गई।
  • छात्र भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच चाहते हैं।
  • सरकार और छात्रों की बातचीत बेनतीजा रही।
  • ED ने कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में जांच शुरू की।
  • प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए।

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