मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में वन अधिकार अधिनियम (FRA) और पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए गठित टास्क फोर्स की पहली बैठक मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित हुई। बैठक में अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम स्वशासन, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और जनभागीदारी को मजबूत बनाने के लिए व्यापक रणनीति पर चर्चा की गई।
मुख्य बातें
- टास्क फोर्स की पहली बैठक मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई।
- FRA और पेसा कानून के समन्वित क्रियान्वयन पर जोर।
- राज्य स्तरीय कार्ययोजना समिति का गठन होगा।
- जिला स्तरीय पेसा निगरानी समितियां सक्रिय की जाएंगी।
- ग्राम सभाओं को अधिक सशक्त बनाने पर बल।
- जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश।
पेसा कानून के बेहतर क्रियान्वयन के लिए बनेगी कार्ययोजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की बड़ी आदिवासी आबादी को ध्यान में रखते हुए पेसा कानून का प्रभावी और आदर्श मॉडल विकसित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम स्वशासन को मजबूत करने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और स्थानीय समुदाय की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
बैठक में वन अधिकार अधिनियम, 2006 के अंतर्गत व्यक्तिगत और सामुदायिक दावों, सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (CFRR) तथा वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में बदलने की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
पेसा कानून के लिए जिला और राज्य स्तर पर होगा समन्वय
मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के नियमों और प्रक्रियाओं में बेहतर समन्वय के लिए राज्य स्तरीय कार्ययोजना समिति गठित करने के निर्देश दिए। यह समिति समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर उसके प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करेगी।
इसके साथ ही जिला स्तरीय पेसा निगरानी समितियों को सक्रिय करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि ग्राम सभाओं को सशक्त बनाया जा सके और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। बैठक में जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों के बीच सही जानकारी पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।
अनुसूचित क्षेत्रों के विकास को मिलेगी नई दिशा
सरकार का मानना है कि FRA और पेसा कानून के समन्वित क्रियान्वयन से अनुसूचित क्षेत्रों में संतुलित विकास, स्थानीय रोजगार, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और ग्राम स्वशासन को नई मजबूती मिलेगी। इससे आदिवासी समुदायों के अधिकारों की रक्षा के साथ सतत विकास को भी गति मिलेगी।
प्रमुख अपडेट
- टास्क फोर्स की पहली बैठक आयोजित हुई।
- FRA और पेसा कानून के समन्वय पर जोर।
- राज्य स्तरीय कार्ययोजना समिति बनेगी।
- जिला स्तरीय निगरानी समितियां सक्रिय होंगी।
- ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने के निर्देश।
- जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
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