मणिपुर टैंकर वसूली मामले में सीआरपीएफ का बड़ा खुलासा, कार्रवाई शुरू

मणिपुर टैंकर वसूली

मणिपुर में मणिपुर टैंकर वसूली का मामला एक बार फिर चर्चा में है। राष्ट्रीय राजमार्ग-37 (इंफाल-जिरीबाम) पर पेट्रोल, डीजल और एलपीजी टैंकरों से कथित अवैध वसूली को लेकर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। इसके बाद राज्य सरकार ने मौजूदा मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) की समीक्षा करने और नई समन्वय समिति गठित करने का फैसला लिया है।

मणिपुर टैंकर वसूली को लेकर क्या सामने आया

सूत्रों के अनुसार, पेट्रोलियम, एलपीजी और परिवहन से जुड़े विभिन्न संगठनों ने मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह (यदि समाचार में वाई. खेमचंद सिंह का उल्लेख है तो उसी के अनुसार लिखें) को संयुक्त ज्ञापन सौंपकर राष्ट्रीय राजमार्ग-37 पर अवैध वसूली की शिकायत की थी।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि सीआरपीएफ की सुरक्षा में चल रहे टैंकरों से भी अलग-अलग स्थानों पर जबरन पैसे वसूले जा रहे थे। इस मुद्दे के सामने आने के बाद सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई शुरू की।

मुख्य बातें

  • एनएच-37 पर टैंकरों से अवैध वसूली का आरोप।
  • पेट्रोलियम और एलपीजी संगठनों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
  • सीआरपीएफ ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में स्थिति पर जानकारी दी।
  • सरकार ने एसओपी में बदलाव की प्रक्रिया शुरू की।
  • नई समन्वय समिति 30 दिन में रिपोर्ट देगी।

सीआरपीएफ ने क्या कहा

सीआरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि उनके जवान निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत पूरी निष्ठा से ड्यूटी निभा रहे हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि सड़क सुरक्षा ड्यूटी के दौरान यह सवाल उठा कि यदि कथित रूप से अन्य एजेंसियों द्वारा अवैध वसूली की जाती है तो सुरक्षा बलों की भूमिका सीमित रहती है।

जुलाई में सौंपे गए ज्ञापन में दावा किया गया था कि मई 2023 में जातीय हिंसा शुरू होने के बाद से टैंकरों से नियमित रूप से वसूली की जा रही है। आरोपों के अनुसार, अलग-अलग स्थानों पर प्रति टैंकर सैकड़ों से लेकर हजारों रुपये तक वसूले जाते थे।

मणिपुर टैंकर वसूली रोकने के लिए बनेगी नई रणनीति

सरकार ने मणिपुर टैंकर वसूली पर रोक लगाने के लिए एक समन्वय समिति का गठन किया है। इसमें राज्य पुलिस, सीआरपीएफ और पेट्रोलियम क्षेत्र से जुड़े कई परिवहन एवं डीलर संगठन शामिल किए गए हैं।

समिति अगले 30 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके आधार पर राष्ट्रीय राजमार्गों पर निगरानी बढ़ाने, एसओपी में संशोधन करने और विशेष अभियान चलाने की योजना तैयार की जाएगी।

अहम अपडेट

  • टैंकर चालकों ने अवैध वसूली की शिकायत दर्ज कराई।
  • विभिन्न संगठनों ने हड़ताल की चेतावनी दी थी।
  • सरकार और संगठनों के बीच बातचीत हुई।
  • एनएच-37 पर निगरानी बढ़ाने की तैयारी।
  • सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त अभियान चलाएंगी।

आपूर्ति व्यवस्था पर भी पड़ा असर

वसूली के आरोपों और हड़ताल की चेतावनी के कारण कई टैंकर और ट्रक सड़क किनारे खड़े रहे। इससे पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने लगी। स्थिति को सामान्य बनाने के लिए सरकार ने संबंधित संगठनों से बातचीत की और समाधान की दिशा में कदम बढ़ाए।

मणिपुर टैंकर वसूली का यह मामला अब प्रशासनिक और सुरक्षा दोनों स्तरों पर गंभीर माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवैध वसूली रोकने के लिए सख्त निगरानी की जाएगी।

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