PM Modi-Sai Meeting: बस्तर विजन पर केंद्रित विकास रोडमैप

बस्तर विजन

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। बैठक में बस्तर विजन के तहत राज्य के समग्र विकास, अधोसंरचना विस्तार और औद्योगिक निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे गए। मुख्यमंत्री ने गैस आधारित यूरिया परियोजना, स्थायी विद्युत ग्रिड, आयुर्वेद संस्थान और बस्तर के विकास कार्यक्रमों के लिए केंद्र से सहयोग का अनुरोध किया।

बस्तर विजन के तहत विकास परियोजनाओं को मिलेगी नई रफ्तार

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार सुरक्षा, विश्वास और विकास की रणनीति पर काम कर रही है। इसी दिशा में बस्तर क्षेत्र में सड़क, रेल, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच लगातार बढ़ रही है।

राजनांदगांव में प्रस्तावित लगभग 10,500 करोड़ रुपये की गैस आधारित यूरिया परियोजना को शीघ्र मंजूरी देने का आग्रह भी प्रधानमंत्री से किया गया। इससे किसानों को उर्वरक उपलब्धता के साथ रोजगार और औद्योगिक निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्य बातें

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के बीच विस्तृत बैठक हुई।
  • राजनांदगांव यूरिया परियोजना को जल्द मंजूरी देने का अनुरोध किया गया।
  • 461 गांवों को स्थायी विद्युत ग्रिड से जोड़ने पर जोर दिया गया।
  • रायपुर या बस्तर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद की मांग रखी गई।
  • बस्तर के शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी विकास पर विशेष चर्चा हुई।

बस्तर विजन के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी पर विशेष फोकस

बैठक में बताया गया कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुहिम’ के माध्यम से 5,542 गांवों के लगभग 39 लाख लोगों तक सरकारी योजनाएं पहुंच रही हैं। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के 421 बंद स्कूल दोबारा शुरू किए जा चुके हैं। ओरछा और जगरगुंडा में नई एजुकेशन सिटी विकसित करने की तैयारी भी जारी है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत 34 लाख से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है। वहीं जगदलपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार और गीदम मेडिकल कॉलेज को भी मजबूत किया जा रहा है।

साथ ही लगभग 3,513 करोड़ रुपये की लागत वाली जगदलपुर-रावघाट रेललाइन परियोजना, हवाई सेवाओं के विस्तार और सड़क नेटवर्क पर भी चर्चा हुई। सरकार का लक्ष्य क्षेत्रीय विकास को स्थायी गति देना है।

विकास और निवेश पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद राज्य को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। एआई डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, बीपीओ, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य आधुनिक उद्योगों में निवेश बढ़ रहा है। इसके अलावा 500 करोड़ रुपये के राज्य एआई मिशन के माध्यम से तकनीक आधारित सुशासन को मजबूत किया जा रहा है।

महिला सशक्तिकरण के तहत 10.42 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जा चुका है। अगले चरण में 14 लाख और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2027 में प्रस्तावित लखपति दीदी सम्मेलन में प्रधानमंत्री को मुख्य अतिथि बनने का निमंत्रण भी दिया।

एक नजर में

  • 10,500 करोड़ रुपये की गैस आधारित यूरिया परियोजना का प्रस्ताव।
  • 461 गांवों को स्थायी बिजली ग्रिड से जोड़ने की योजना।
  • 5,542 गांवों में विकास योजनाओं का विस्तार।
  • 421 बंद स्कूल फिर से शुरू किए गए।
  • लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।
  • 500 करोड़ रुपये के राज्य एआई मिशन पर कार्य जारी।

यह भी पढ़ें: माइक्रोसॉफ्ट मार्केट कैप में ऐतिहासिक उछाल, 1 दिन में ₹39 लाख करोड़ बढ़े
छत्तीसगढ़ रेलवे परियोजना: बस्तर और सरगुजा में मजबूत होगी रेल कनेक्टिविटी 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *