मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी पहल: ग्रामीण विद्यार्थियों तक पहुंचेगी AI शिक्षा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा परिसर से ‘भावना दीदी की साइंस पाठशाला’ के अंतर्गत संचालित मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकों से जोड़ना और उन्हें आधुनिक शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराना है।

यह अत्याधुनिक मोबाइल लैब पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन, 3डी प्रिंटिंग, कोडिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), एयरोमॉडलिंग और AR/VR जैसी तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण देगी।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए ग्रामीण बच्चों को विज्ञान और तकनीक की मुख्यधारा से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और तकनीकी दक्षता को बढ़ावा देगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले, गांव का विद्यार्थी भी बनेगा तकनीकी रूप से सक्षम

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि दुनिया तेजी से कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा साइंस, रोबोटिक्स और डिजिटल तकनीकों की ओर बढ़ रही है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी इन आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य कौशल विकास, नवाचार और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देना है। मोबाइल लैब विद्यार्थियों को केवल तकनीक का उपयोग ही नहीं सिखाएगी, बल्कि उन्हें नए प्रयोग और नवाचार के लिए भी प्रेरित करेगी।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि इस पहल से ग्रामीण विद्यार्थियों को भी वही अवसर मिलेंगे, जो बड़े शहरों के छात्रों को उपलब्ध होते हैं। इससे विज्ञान के प्रति रुचि और तकनीकी समझ दोनों विकसित होंगी।

इस पहल की प्रमुख विशेषताएं

  • AI, रोबोटिक्स और ड्रोन का हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण।
  • 3डी प्रिंटिंग, IoT और AR/VR का व्यावहारिक अनुभव।
  • प्रत्येक विद्यालय में तीन से पांच दिन की कार्यशाला।
  • पांच विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की टीम करेगी मार्गदर्शन।
  • प्रशिक्षण पूरा होने पर विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र मिलेगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से 5,000 विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ

पहले वर्ष में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस पहल के माध्यम से 5,000 से अधिक विद्यार्थियों तक तकनीकी शिक्षा पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद अन्य कक्षाओं को भी इस कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने मोबाइल लैब का निरीक्षण किया। उन्होंने AI, रोबोटिक्स और ड्रोन से जुड़े मॉड्यूल देखे तथा प्रशिक्षकों से प्रशिक्षण प्रक्रिया की जानकारी ली। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रयोग आधारित शिक्षा बच्चों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता और समस्या समाधान क्षमता विकसित करने का प्रभावी माध्यम बनेगी।

एक नजर में

  • स्थान: रायपुर
  • शुभारंभ: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
  • पहल: मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब
  • लाभार्थी: ग्रामीण विद्यालयों के विद्यार्थी
  • लक्ष्य: पहले वर्ष में 5,000 से अधिक छात्र
  • मुख्य प्रशिक्षण: AI, रोबोटिक्स, ड्रोन, 3डी प्रिंटिंग, IoT और AR/VR

मुख्य बातें

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मोबाइल टेक्नोलॉजी लैब को हरी झंडी दिखाई।
  • ग्रामीण विद्यार्थियों को AI, रोबोटिक्स, ड्रोन और 3डी प्रिंटिंग का प्रशिक्षण मिलेगा।
  • पहले वर्ष में 5,000 से अधिक विद्यार्थियों को व्यावहारिक शिक्षा दी जाएगी।
  • मोबाइल लैब स्कूलों में जाकर प्रशिक्षण प्रदान करेगी।
  • प्रशिक्षण पूरा करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र भी मिलेगा।

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