खेल मंत्रालय ने भारतीय जूडो महासंघ (JFI) की अंतरिम कार्यकारी समिति को सशर्त मान्यता दे दी है। जूडो महासंघ मान्यता से जुड़े इस फैसले के बाद अब महासंघ को दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करना होगा। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन होने पर यह मान्यता कभी भी वापस ली जा सकती है।
जूडो महासंघ मान्यता किन शर्तों के साथ मिली?
खेल मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, भारतीय जूडो महासंघ की अंतरिम कार्यकारी समिति को तत्काल प्रभाव से मान्यता दी गई है। हालांकि यह जूडो महासंघ मान्यता अदालत में लंबित मामलों के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगी।
मंत्रालय ने साफ कहा है कि यदि अंतरिम समिति दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन नहीं करती है, तो उसकी मान्यता रद्द की जा सकती है। इसलिए समिति को सभी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन करना होगा।
मुख्य बातें
- खेल मंत्रालय ने JFI की अंतरिम समिति को सशर्त मान्यता दी।
- मान्यता अदालत के अंतिम फैसले पर निर्भर रहेगी।
- नियमों का उल्लंघन होने पर मान्यता रद्द हो सकती है।
- राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम 2025 के अनुरूप संविधान संशोधित होगा।
- मंत्रालय ने मासिक प्रगति रिपोर्ट भी मांगी है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद हुआ चुनाव
भारतीय जूडो महासंघ का संचालन वर्ष 2022 से अदालत द्वारा नियुक्त प्रशासक कर रहे थे। फरवरी 2026 में दिल्ली उच्च न्यायालय ने महासंघ को वार्षिक आम बैठक आयोजित करने और राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम, 2025 के अनुरूप चुनाव कराने का निर्देश दिया।
इसके बाद जून में अंतरिम कार्यकारी समिति का चुनाव कराया गया। इसमें मुकेश कुमार अध्यक्ष चुने गए। बानी ब्राता दास महासचिव बने। शैलेश तिलक कोषाध्यक्ष नियुक्त किए गए। इसके अलावा चार उपाध्यक्ष और चार संयुक्त सचिव भी चुने गए।
जूडो महासंघ मान्यता के बाद आगे क्या होगा?
जूडो महासंघ मान्यता मिलने के बाद अब अंतरिम समिति को अपने संविधान में आवश्यक संशोधन करने होंगे। यह प्रक्रिया राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम, 2025 के अनुरूप पूरी करनी होगी।
साथ ही मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि महासंघ हर महीने अदालत के आदेशों के पालन की रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। यदि किसी प्रकार की गंभीर अनियमितता सामने आती है, तो जूडो महासंघ तुरंत समाप्त की जा सकती है।
एक नजर में
- संगठन: भारतीय जूडो महासंघ (JFI)
- फैसला: सशर्त मान्यता
- जारीकर्ता: खेल मंत्रालय
- कानूनी आधार: दिल्ली उच्च न्यायालय का आदेश
- अगला कदम: अंतिम चुनाव और संविधान संशोधन
क्या है इस फैसले का महत्व?
इस फैसले से भारतीय जूडो के प्रशासन में स्थिरता आने की उम्मीद है। लंबे समय से महासंघ कानूनी विवादों के कारण प्रभावित था। अब जूडो महासंघ मान्यता मिलने के बाद खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं के संचालन में सुधार की संभावना बढ़ गई है। हालांकि अंतिम स्थिति अदालत के फैसले और नियमों के पालन पर निर्भर करेगी।
निष्कर्ष
खेल मंत्रालय का यह निर्णय भारतीय जूडो के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जूडो महासंघ मान्यता मिलने से प्रशासनिक कामकाज दोबारा पटरी पर आने की उम्मीद है। अब अंतरिम समिति की सबसे बड़ी जिम्मेदारी अदालत और मंत्रालय के सभी निर्देशों का समय पर पालन करना होगी।
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