रायपुर में आयोजित वार्षिकोत्सव समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि दीदी के गोठ कार्यक्रम महिलाओं के लिए प्रेरणा, आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार का प्रभावी माध्यम बन चुका है। इस मंच के जरिए सफल महिलाओं की कहानियां प्रदेश के दूर-दराज क्षेत्रों तक पहुंच रही हैं। इससे अन्य महिलाएं भी नए अवसरों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित हो रही हैं।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ‘दीदी के गोठ’ कॉफी टेबल बुक, ‘बिहान वाणी’ त्रैमासिक पत्रिका और ‘मोर गांव मोर पानी’ पुस्तक का विमोचन किया। साथ ही सफलता की कहानी साझा करने वाली महिलाओं का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में 12 एपिसोड पर आधारित प्रदर्शनी का भी अवलोकन कराया गया।
दीदी के गोठ कार्यक्रम ने महिलाओं को दिया नया आत्मविश्वास
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक वर्ष में कार्यक्रम के 12 एपिसोड प्रसारित हुए हैं। प्रत्येक एपिसोड में एक सफल महिला अपनी संघर्ष यात्रा और उपलब्धियां साझा करती है। स्थानीय बोली में प्रस्तुत अनुभव महिलाओं तक सीधे पहुंचते हैं। इसलिए यह पहल सामाजिक और आर्थिक बदलाव का माध्यम बन रही है।
दुर्ग जिले की लखपति दीदी विद्या निषाद ने भी अपनी कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिलने के बाद उन्होंने स्वयं का व्यवसाय शुरू किया। आज वह प्रतिवर्ष लाखों रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। उनकी सफलता अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।

मुख्य बातें
- एक वर्ष में 12 एपिसोड का सफल प्रसारण।
- हजारों महिलाओं तक पहुंचीं प्रेरक सफलता की कहानियां।
- मुख्यमंत्री ने तीन महत्वपूर्ण प्रकाशनों का विमोचन किया।
- स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को सम्मानित किया गया।
- प्रदर्शनी में आजीविका और नवाचार के मॉडल प्रस्तुत किए गए।
दीदी के गोठ कार्यक्रम से आत्मनिर्भरता को मिला नया विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है। बिहान से जुड़ी महिलाएं ड्रोन संचालन, जैविक खेती, पशुपालन और अन्य व्यवसायों में सफलता प्राप्त कर रही हैं। इसके अलावा कई महिलाएं लखपति बनने के बाद अब अपने कारोबार का विस्तार भी कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं से भी महिलाओं को सीधे लाभ मिल रहा है। वहीं डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
कार्यक्रम की प्रमुख उपलब्धियां
- 25 जिलों की 38 महिलाओं की भागीदारी।
- हर महीने दूसरे गुरुवार को नियमित प्रसारण।
- नवाचार, स्वरोजगार और वित्तीय जागरूकता पर विशेष एपिसोड।
- महिलाओं की स्थानीय भाषा में प्रेरक अनुभव साझा किए गए।
- ग्रामीण महिलाओं को नई आजीविका से जोड़ने का प्रयास।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण में इस पहल की भूमिका की सराहना की।
प्रदेश में दीदी के गोठ कार्यक्रम अब केवल रेडियो प्रसारण तक सीमित नहीं है। यह महिलाओं के अनुभव, नवाचार और आत्मनिर्भरता की ऐसी श्रृंखला बन चुका है, जो नई पीढ़ी को भी प्रेरित कर रही है। आने वाले समय में इसके माध्यम से और अधिक महिलाओं को स्वरोजगार तथा नेतृत्व के अवसर मिलने की उम्मीद है।
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