कुनकुरी नालंदा परिसर में 250 सीटर आधुनिक लाइब्रेरी

कुनकुरी नालंदा परिसर

जशपुर जिले के कुनकुरी के सलियाटोली में कुनकुरी नालंदा परिसर का निर्माण तेजी से जारी है। करीब 4.37 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह 250 सीटर अध्ययन केंद्र विद्यार्थियों को आधुनिक और तकनीक आधारित पढ़ाई का माहौल देगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 21 जून 2025 को इस परियोजना का भूमिपूजन किया था।

राज्य सरकार का लक्ष्य युवाओं को अपने जिले में ही बेहतर अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से जिला मुख्यालयों में आधुनिक नालंदा परिसर विकसित किए जा रहे हैं।

एक नजर में

  • 250 विद्यार्थियों के बैठने की क्षमता
  • 4.37 करोड़ रुपये की लागत
  • 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन खुली लाइब्रेरी
  • डिजिटल लाइब्रेरी और हाई-स्पीड वाई-फाई
  • प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष पुस्तकें
  • ऑक्सी रीडिंग जोन और पर्यावरण अनुकूल परिसर

24×7 लाइब्रेरी के साथ डिजिटल अध्ययन की सुविधा

कुनकुरी नालंदा परिसर विद्यार्थियों के लिए दिन-रात खुला रहेगा। यहां 50 हजार से अधिक पुस्तकों वाला आधुनिक पुस्तकालय विकसित किया जा रहा है। इसके साथ डिजिटल लाइब्रेरी, ई-लर्निंग संसाधन और हाई-स्पीड वाई-फाई जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए अलग से अध्ययन सामग्री और विशेष पुस्तकों की व्यवस्था की जाएगी। इससे छात्रों को बड़े शहरों जैसी सुविधाएं अपने जिले में ही मिल सकेंगी।

प्राकृतिक वातावरण में पढ़ाई का मिलेगा अवसर

इस परिसर की खासियत केवल भवन नहीं होगी, बल्कि इसका पर्यावरण-अनुकूल डिजाइन भी होगा। यहां इंडोर और आउटडोर दोनों तरह के अध्ययन की सुविधा मिलेगी।

विद्यार्थी ऑक्सी रीडिंग जोन में हरियाली के बीच बैठकर पढ़ाई कर सकेंगे। परिसर में सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था, ऊर्जा दक्ष भवन डिजाइन और 50 से अधिक देशी पौधों का रोपण भी किया जाएगा।

स्वास्थ्य, खेल और नवाचार पर रहेगा विशेष ध्यान

कुनकुरी नालंदा परिसर को केवल लाइब्रेरी तक सीमित नहीं रखा गया है। विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यूथ टावर, स्पोर्ट्स कोर्ट, हेल्थ जोन, कैफेटेरिया और एटीएम जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

सरकार इसे भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वायत्त और स्ववित्तपोषित संचालन मॉडल पर विकसित करने की योजना बना रही है।

आधुनिक तकनीक से होगा पूरा प्रबंधन

परिसर में आरएफआईडी आधारित प्रवेश प्रणाली, बायोमेट्रिक पहचान और आरएफआईडी तकनीक से पुस्तकों की ट्रैकिंग की व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा आधुनिक सॉफ्टवेयर के जरिए पुस्तक प्रबंधन किया जाएगा।

इन तकनीकी सुविधाओं से विद्यार्थियों को बेहतर, सुरक्षित और व्यवस्थित अध्ययन वातावरण मिलेगा।

जशपुर के युवाओं के लिए बनेगा नई उम्मीद का केंद्र

कुनकुरी नालंदा परिसर तैयार होने के बाद जशपुर जिले के युवाओं को उच्च गुणवत्ता वाली अध्ययन सुविधाएं अपने क्षेत्र में ही मिलेंगी। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को महानगरों का रुख करने की जरूरत कम होगी।

यह परियोजना आधुनिक शिक्षा, डिजिटल संसाधनों और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन वातावरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।


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