राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा खुलासा, SIT रिपोर्ट से मचा हड़कंप

Ayodhya Ram Mandir

अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे के कथित गबन मामले ने नया मोड़ ले लिया है। राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट विशेष जांच दल (SIT) ने शासन को सौंप दी है। रिपोर्ट में चढ़ावे की रकम में अनियमितताओं, कमीशनखोरी और नियुक्ति प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों से जुड़े कई अहम बिंदुओं का उल्लेख किया गया है।

SIT जांच में क्या-क्या सामने आया?

सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली, दान राशि की गणना और कर्मचारियों की नियुक्तियों की विस्तार से समीक्षा की गई। रिपोर्ट में कई व्यक्तियों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं और कुछ मामलों में लापरवाही की आशंका भी जताई गई है। जांच एजेंसियों ने कई दस्तावेज और गवाहों के बयान भी शामिल किए हैं।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी में 25 से अधिक लोगों की भूमिका का दावा

प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि कथित गबन के मामले में 25 से 30 लोगों की भूमिका हो सकती है। रिपोर्ट में कुछ कर्मचारियों और उनसे जुड़े लोगों का जिक्र किया गया है। जांच टीम ने सिफारिश की है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर विचार किया जाए।

दान राशि की गणना प्रक्रिया पर उठे सवाल

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि दान राशि की गणना प्रक्रिया में कई खामियां मौजूद थीं। आरोप है कि चढ़ावे की रकम को एकत्र करने और गिनती के दौरान पर्याप्त निगरानी नहीं थी। इसी वजह से राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में वित्तीय अनियमितताओं की आशंका और मजबूत हुई है।

महाकुंभ और माघ मेले के दौरान बढ़ा था चढ़ावा

रिपोर्ट के अनुसार महाकुंभ और माघ मेले के समय अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई थी। इस दौरान मंदिर में चढ़ावे की राशि भी कई गुना बढ़ी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इसी अवधि में कथित गबन की घटनाएं अधिक हुईं।

ट्रस्ट के पुनर्गठन और ऑडिट की सिफारिश

SIT ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्रस्ट की व्यवस्थाओं की समीक्षा और विस्तृत वित्तीय ऑडिट कराने की सिफारिश की है। विशेषज्ञों का मानना है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी जैसे आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए पारदर्शी व्यवस्था और मजबूत निगरानी तंत्र जरूरी है।

सीसीटीवी और सुरक्षा तंत्र की भी होगी जांच

जांच एजेंसियां अब सीसीटीवी फुटेज, सुरक्षा रिकॉर्ड और दान राशि प्रबंधन से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही हैं। यह देखा जा रहा है कि सुरक्षा व्यवस्था में कहीं ऐसी चूक तो नहीं हुई, जिससे कथित गड़बड़ियों को अंजाम दिया जा सका।

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