भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को भारी गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों के बीच हड़कंप मच गया। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 1400 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी 22,250 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया।
इस बड़ी गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण वैश्विक स्तर पर बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है। खासतौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को लेकर दिए गए बयान ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
📉 क्यों टूटा बाजार?
विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में गिरावट के पीछे कई बड़े कारण हैं:
- अमेरिका-ईरान तनाव में तेजी
- विदेशी निवेशकों (FII) की भारी बिकवाली
- कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
- वैश्विक बाजारों में कमजोरी
ट्रंप के बयान के बाद निवेशकों का भरोसा डगमगा गया, जिससे बाजार में अचानक बिकवाली बढ़ गई।
🌍 ग्लोबल असर भी दिखा
इस गिरावट का असर केवल भारत तक सीमित नहीं रहा। एशियाई बाजारों में भी भारी दबाव देखने को मिला:
- जापान का निक्केई गिरा
- दक्षिण कोरिया का कोस्पी फिसला
- हांगकांग का हैंगसेंग कमजोर
इससे साफ है कि वैश्विक निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं।
🛢️ तेल की कीमतों में उछाल
ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेज उछाल आया और यह 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया।
ऊंचे तेल दाम भारत जैसे आयातक देशों के लिए चिंता का विषय हैं, क्योंकि इससे महंगाई और व्यापार घाटा बढ़ सकता है।
💰 रुपये ने दिखाई मजबूती
जहां शेयर बाजार में गिरावट रही, वहीं भारतीय रुपये ने शानदार वापसी की।
- रुपया 151 पैसे मजबूत हुआ
- डॉलर के मुकाबले 93.19 के स्तर तक पहुंचा
इस तेजी का श्रेय भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के त्वरित हस्तक्षेप को दिया जा रहा है।
📊 निवेशकों के लिए संकेत
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी।
यदि पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता है, तो बाजार में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। वहीं, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की चाल भी अहम भूमिका निभाएगी।