छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के 16 हजार से अधिक संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी लगातार 18 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। उनकी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर यह आंदोलन 11वें दिन भी जारी है।सूरजपुर बस स्टैंड के पास कर्मचारियों ने सिर मुंडवाकर विरोध दर्ज कराया और सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया। उनका कहना है कि भाजपा सरकार ने चुनाव से पहले समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
इससे पहले मनेंद्रगढ़ में कर्मचारियों ने PPE किट पहनकर बाजार में भीख मांगते हुए अनोखा प्रदर्शन किया था। लगातार हड़ताल से अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं और मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। सरकार की अनदेखी से नाराज कर्मचारियों ने 29 अगस्त से ‘मोदी की गारंटी खोज अभियान’ शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत राजधानी रायपुर के तूता धरना स्थल से पूरे प्रदेश में अभियान चलाया जाएगा।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार मिरी ने कहा कि विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा ने समस्याओं के समाधान का वादा किया था, लेकिन 160 से अधिक ज्ञापन दिए जाने के बाद भी कोई पहल नहीं हुई। अब कर्मचारियों ने मजबूरी में आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है।