रायपुर जिले के धरसींवा विकासखंड अंतर्गत ग्राम खौना स्थित धान उपार्जन केंद्र में धान की बड़ी मात्रा में कमी पाए जाने के बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। खाद्य विभाग एवं सहकारिता विभाग की संयुक्त टीम द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन में 229.60 क्विंटल धान शॉर्टेज की पुष्टि हुई है, जिससे उपार्जन प्रणाली की निगरानी व्यवस्था पर प्रश्न उठे हैं।
जांच प्रतिवेदन के आधार पर अपर कलेक्टर द्वारा जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित सिलयारी के शाखा प्रबंधक को पत्र प्रेषित कर संबंधित समिति प्रबंधक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशानुसार तीन दिवस के भीतर आवश्यक कार्रवाई की अपेक्षा की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान यह पाया गया कि 15 नवंबर से 2 फरवरी की अवधि में किसानों से समर्थन मूल्य पर कुल 48,826 क्विंटल धान की खरीदी की गई थी। इसके विरुद्ध मिलर्स के माध्यम से 48,576.22 क्विंटल धान का उठाव किया गया। अभिलेखीय आंकड़ों के अनुसार शेष 249.60 क्विंटल धान उपलब्ध होना चाहिए था, किंतु भौतिक सत्यापन में केवल 50 बोरी धान ही शेष पाया गया।
इस प्रकार, कुल 229.60 क्विंटल धान की कमी दर्ज की गई, जो गंभीर अनियमितता की श्रेणी में आती है। जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय दल में खाद्य निरीक्षक एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया, जिन्होंने विस्तृत परीक्षण के पश्चात रिपोर्ट प्रस्तुत की।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, जिले के अन्य उपार्जन केंद्रों में भी 20 से 70 क्विंटल तक धान की कमी पाए जाने की जानकारी सामने आई है, हालांकि उन मामलों में अभी तक विस्तृत जांच प्रारंभ नहीं की गई है। इस स्थिति ने उपार्जन केंद्रों के संचालन एवं नियंत्रण तंत्र को लेकर व्यापक समीक्षा की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
प्रशासन द्वारा इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने के संकेत दिए गए हैं, जिससे भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।