रायपुर, 3 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने युवाओं को आत्मविश्वास, मेहनत और अपनी प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर दोबारा प्रयास करना चाहिए। शिक्षा का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल करना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाना भी होना चाहिए।
राज्यपाल बिलासपुर स्थित पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय के सप्तम दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर पिछले पांच वर्षों के कुल 24 हजार 800 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर और डिप्लोमा की उपाधियां प्रदान की गईं।
24 हजार 800 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां और डिप्लोमा
दीक्षांत समारोह में उपाधि और पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने उनके अभिभावकों, शिक्षकों और शिक्षण संस्थानों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के जीवन में नई जिम्मेदारियों और नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ने का अवसर होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि मुक्त विश्वविद्यालय दूरस्थ क्षेत्रों तक शिक्षा पहुंचाने और उन लोगों को अध्ययन का अवसर देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जो नियमित रूप से कॉलेज नहीं जा पाते।
अपनी प्रतिभा पहचानें, दूसरों से तुलना न करें
राज्यपाल ने युवाओं से अपनी रुचि और क्षमता को पहचानकर लक्ष्य की दिशा में निरंतर मेहनत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति में कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है। इसलिए दूसरों की नकल या उनसे तुलना करने के बजाय अपनी अलग पहचान बनाने पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों पर अपनी अपेक्षाएं न थोपें, बल्कि उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें।
डिजिटल तकनीक का विवेकपूर्ण उपयोग करने की सलाह
अपने संबोधन में राज्यपाल ने इंटरनेट और डिजिटल तकनीक को ज्ञान प्राप्त करने का उपयोगी माध्यम बताया। उन्होंने युवाओं को इन सुविधाओं का सही इस्तेमाल करते हुए अपनी विचारशक्ति और रचनात्मक क्षमता विकसित करने की सलाह दी।
साथ ही उन्होंने डिजिटल उपकरणों के अत्यधिक उपयोग से बचने और समय का सदुपयोग करने पर जोर दिया। उनके अनुसार, जीवन में आंतरिक संतुष्टि और संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है।
समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की अपील
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि समाज में परिवर्तन लाने के लिए बड़े प्रयासों की ही आवश्यकता नहीं होती। अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखना, पौधे लगाना और उनकी देखभाल करना जैसे छोटे कार्य भी सकारात्मक बदलाव की शुरुआत बन सकते हैं।
उन्होंने युवाओं से ऐसे कार्य करने का आह्वान किया, जिनसे समाज और दूसरे लोगों को लाभ मिले।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने भी विद्यार्थियों को दी बधाई
समारोह में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने उपाधि और पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज के विकास के लिए करें।
उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता सेनानी एवं समाज सुधारक पंडित सुंदरलाल शर्मा के नाम पर स्थापित यह विश्वविद्यालय उन लोगों को उच्च शिक्षा का अवसर दे रहा है, जो कामकाज या अन्य परिस्थितियों के कारण नियमित अध्ययन नहीं कर पाते। उन्होंने विश्वविद्यालय को नैक की ए प्लस ग्रेडिंग मिलने पर बधाई देते हुए शिक्षा की पहुंच बढ़ाने में इसकी भूमिका को रेखांकित किया।
वेबसाइट का लोकार्पण और स्मारिका ‘अभ्युदय’ का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय की उन्नत आधिकारिक वेबसाइट का लोकार्पण किया गया और स्मारिका ‘अभ्युदय’ का विमोचन हुआ। इसके साथ ही एकलव्य विद्यालय देवपहरी के 311 विद्यार्थियों को बैग, स्वेटर, टिफिन और पानी की बोतलें वितरित की गईं।
समारोह में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विधायक धरमलाल कौशिक एवं सुशांत शुक्ला, महापौर पूजा विधानी, हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष कैलाश चंद्र शर्मा, नैक अध्यक्ष नागेश्वर राव और विश्वविद्यालय के कुलपति वीरेंद्र कुमार सारस्वत सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
शिक्षा और समाज निर्माण का संदेश
सप्तम दीक्षांत समारोह में पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ युवाओं के भविष्य और सामाजिक जिम्मेदारियों पर भी चर्चा हुई। समारोह का संदेश रहा कि आत्मविश्वास, निरंतर परिश्रम और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना से युवा अपनी पहचान बना सकते हैं।
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