छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 अपने गठन के 26 वर्ष पूरे करने के बाद विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। अब प्रदेश का लक्ष्य सुशासन, मजबूत अर्थव्यवस्था और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में नई पहचान बनाना है। राज्यपाल रमेन डेका ने यह बात नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव समारोह के दूसरे दिन कही।
उन्होंने कहा कि प्रदेश को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। युवा, महिलाएं, किसान, श्रमिक और आदिवासी समुदाय मिलकर विकास की गति को आगे बढ़ा सकते हैं।
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 के अवसर पर राज्यपाल ने प्रदेश की उपलब्धियों के साथ भविष्य की प्राथमिकताओं पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि विकास के साथ प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना भी जरूरी है।
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026- 26 वर्षों में तय किया विकास का लंबा सफर
राज्यपाल रमेन डेका ने राज्य स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने छत्तीसगढ़ निर्माण के लिए प्रयास करने वाले सभी महापुरुषों को याद किया। साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान का विशेष उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2000 में राज्य का गठन कई उम्मीदों और चुनौतियों के बीच हुआ था। इसके बाद प्रदेश ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं में प्रगति की है।
अब जरूरत इन उपलब्धियों को आगे बढ़ाने की है। इसके लिए बेहतर प्रशासन, मजबूत आर्थिक व्यवस्था और सभी वर्गों को विकास से जोड़ना महत्वपूर्ण होगा।
बस्तर में शांति के साथ बढ़ रहे विकास के अवसर
अपने संबोधन में राज्यपाल ने बस्तर क्षेत्र के बदलते हालात का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए शांति और सुरक्षा का माहौल होना आवश्यक है।
बस्तर के कई दूरस्थ इलाकों में अब बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। यहां सड़क, बिजली, मोबाइल नेटवर्क और संचार व्यवस्था को बेहतर बनाया जा रहा है।
इसके अलावा, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के प्रयास भी जारी हैं। स्थानीय लोगों को आजीविका मिशन के माध्यम से रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
राज्यपाल ने सुरक्षा बलों के योगदान की सराहना की। साथ ही हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले लोगों का स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि बस्तर में आए सकारात्मक बदलाव को लंबे समय तक बनाए रखना जरूरी है। इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर भी लगातार काम करना होगा।
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026- जल, जंगल और खनिज संपदा की सुरक्षा पर जोर
छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों के मामले में समृद्ध है। यहां के जंगल, नदियां, तालाब और खनिज प्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
हालांकि, विकास के साथ इन संसाधनों का संरक्षण करना भी उतना ही जरूरी है। राज्यपाल रमेन डेका ने विशेष रूप से जल संरक्षण को भविष्य की बड़ी जरूरत बताया।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पानी का बेहतर प्रबंधन एक महत्वपूर्ण चुनौती बन सकता है। इसलिए जल संरक्षण को केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित नहीं रखना चाहिए।
इसके लिए आम नागरिकों और स्थानीय समुदायों की भागीदारी भी आवश्यक है। नदियों, तालाबों और आर्द्रभूमियों को सुरक्षित रखने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे।
युवाओं, महिलाओं और किसानों की भागीदारी से मजबूत होगा प्रदेश
राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ को विकास के नए स्तर तक पहुंचाने में समाज के प्रत्येक वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण है।
युवाओं को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर मिलने चाहिए। वहीं, महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने और किसानों की स्थिति मजबूत करने पर भी ध्यान देना जरूरी है।
इसके साथ ही श्रमिकों और जनजातीय समुदायों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना प्रदेश की प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए।
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 के मंच से दिया गया संदेश भी यही रहा कि प्रदेश का विकास केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसमें सामाजिक समानता, पर्यावरण संरक्षण और बेहतर जीवन सुविधाओं को भी महत्व मिलना चाहिए।
राज्योत्सव में संस्कृति और विकास का संगम
समारोह में संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने भी राज्योत्सव के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, जनजातीय परंपराओं और विकास यात्रा को प्रदर्शित करने का अवसर है।
राज्य की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखना और नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है। ऐसे आयोजन लोगों को अपनी परंपराओं और विरासत से जोड़ने में मदद करते हैं।
विकसित छत्तीसगढ़ के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
राज्यपाल रमेन डेका के संबोधन में सुशासन, आर्थिक मजबूती, बस्तर का विकास और पर्यावरण संरक्षण प्रमुख विषय रहे।
उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश के नागरिकों के सहयोग से छत्तीसगढ़ विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 केवल राज्य स्थापना के 26 वर्षों का उत्सव नहीं है, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए विकास की दिशा तय करने का अवसर भी है। प्रदेश की प्रगति के लिए आर्थिक विकास, सामाजिक सहभागिता और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग महत्वपूर्ण रहेगा।
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