छत्तीसगढ़ में धान खरीदी 2026: 360 नए केंद्रों की घोषणा

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी

छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए धान खरीदी व्यवस्था तथा सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में आयोजित उत्कृष्ट कृषक रत्न सम्मान समारोह में कहा कि किसानों की समृद्धि और उनकी आय बढ़ाना राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

27 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया। उन्होंने खेती की लागत कम करने, उपज का उचित मूल्य दिलाने और सिंचाई संसाधनों को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी।

15 नवंबर से शुरू होगी धान की सरकारी खरीदी

राज्य में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए 15 नवंबर 2026 से धान खरीदी शुरू करने की घोषणा की गई है। किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा मिले, इसके लिए राज्य सरकार ने 360 नए धान खरीदी केंद्र खोलने का निर्णय लिया है।

नए केंद्र शुरू होने से किसानों को अपनी उपज लेकर दूर जाने की जरूरत कम हो सकती है। इसके अलावा, मौजूदा केंद्रों पर भीड़ और कामकाज का दबाव घटाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि पात्र किसानों को अपनी उपज बेचने में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

किसानों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कृषि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन का महत्वपूर्ण आधार है। प्रदेश की बड़ी आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से खेती से जुड़ी हुई है। ऐसे में किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर होने से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को भी गति मिल सकती है।

सरकार का जोर खेती की लागत घटाने, किसानों को उचित मूल्य दिलाने और कृषि कार्यों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है। बेहतर संसाधनों और आधुनिक कृषि पद्धतियों के उपयोग से खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

उत्कृष्ट कृषक रत्न सम्मान से प्रगतिशील किसानों का सम्मान

रायपुर के सिविल लाइंस स्थित सर्किट हाउस में श्रद्धेय मनहरण लाल पाण्डेय की जयंती के अवसर पर उत्कृष्ट कृषक रत्न सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री ने किसानों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक और नए कृषि प्रयोगों को अपनाने वाले किसान दूसरे कृषकों के लिए भी प्रेरणा बन सकते हैं। ऐसे सम्मान कृषि क्षेत्र में नवाचार और बेहतर खेती की पद्धतियों को प्रोत्साहित करने में सहायक हो सकते हैं।

किसान क्रेडिट कार्ड से सस्ते कृषि ऋण पर जोर

मुख्यमंत्री ने किसान क्रेडिट कार्ड की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि इस व्यवस्था ने किसानों को खेती के लिए आवश्यक पूंजी जुटाने में मदद की है। पहले किसानों को कई बार ऊंची ब्याज दरों पर कर्ज लेना पड़ता था, जिससे उन पर आर्थिक दबाव बढ़ता था।

उन्होंने कहा कि किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। कम ब्याज वाले ऋण से खेती के लिए बीज, खाद और अन्य जरूरी संसाधनों की व्यवस्था करने में सहायता मिल सकती है। संबंधित ऋण की पात्रता और शर्तें लागू नियमों के अनुसार निर्धारित होती हैं।

दो वर्षों में करीब 10 हजार करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाएं

खेती को अधिक टिकाऊ और उत्पादक बनाने के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले दो वर्षों में प्रदेश में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की नई सिंचाई परियोजनाओं की शुरुआत की गई है।

इसके अतिरिक्त, करीब 1,500 पुरानी सिंचाई परियोजनाओं के जीर्णोद्धार के लिए लगभग 2,800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन कार्यों का उद्देश्य मौजूदा सिंचाई ढांचे को बेहतर बनाना और अधिक खेतों तक पानी पहुंचाने की क्षमता बढ़ाना है।

सरकार के अनुसार, इन परियोजनाओं से सिंचित क्षेत्र में लगभग 76 हजार हेक्टेयर की वृद्धि होने की उम्मीद है। परियोजनाओं का वास्तविक लाभ उनके निर्माण, जीर्णोद्धार और संचालन की प्रगति पर निर्भर करेगा।

इंद्रावती नदी पर भी परियोजनाओं का विकास

मुख्यमंत्री ने इंद्रावती नदी पर मटनार और देऊरगांव सहित विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं का उल्लेख किया। इन योजनाओं के माध्यम से सिंचाई की उपलब्धता बढ़ाने और खेती की वर्षा पर निर्भरता कम करने का प्रयास किया जा रहा है।

यदि सिंचाई संसाधनों का विस्तार प्रभावी ढंग से होता है, तो किसानों को फसलों की बुवाई और पानी की उपलब्धता की योजना बनाने में मदद मिल सकती है। इससे कृषि उत्पादन को बेहतर बनाने के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

मनहरण लाल पाण्डेय के जनसेवा कार्यों को किया याद

समारोह में मुख्यमंत्री ने श्रद्धेय मनहरण लाल पाण्डेय को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सामाजिक योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि पाण्डेय का जीवन जनसेवा और ग्रामीण विकास के कार्यों से जुड़ा रहा। सिंचाई सुविधाओं के विकास में उनके योगदान को भी स्मरण किया गया।

वन मंत्री केदार कश्यप ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने मनहरण लाल पाण्डेय के सार्वजनिक जीवन और समाज के विभिन्न वर्गों के लिए किए गए कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, स्मृति संस्थान के सदस्यों और बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।

किसानों के लिए इन घोषणाओं का क्या महत्व है?

इन पहलों का प्रमुख उद्देश्य कृषि व्यवस्था को सुविधाजनक बनाना और किसानों के सामने आने वाली कुछ व्यावहारिक चुनौतियों को कम करना है।

  • खरीदी केंद्रों की उपलब्धता: 360 नए केंद्र खुलने से उपज बेचने के लिए दूरी और समय कम करने में मदद मिल सकती है।
  • सिंचाई सुविधाओं का विस्तार: पुरानी परियोजनाओं की मरम्मत और नई योजनाओं से अधिक खेतों तक पानी पहुंचाने की संभावना है।
  • कृषि ऋण: कम ब्याज वाले ऋण से खेती की आवश्यकताओं के लिए पूंजी जुटाना आसान हो सकता है।
  • कृषि नवाचार: प्रगतिशील किसानों को सम्मानित करने से नई तकनीकों और उन्नत खेती की पद्धतियों को प्रोत्साहन मिल सकता है।

छत्तीसगढ़ सरकार की घोषित योजनाओं में धान खरीदी केंद्रों का विस्तार, सिंचाई परियोजनाओं का विकास और किसानों को कृषि संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रमुख विषय हैं। इन प्रयासों की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि नई सुविधाएं समय पर शुरू हों और किसानों तक उनका लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचे।

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के लिए 15 नवंबर से प्रस्तावित शुरुआत और 360 नए केंद्रों की व्यवस्था खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की महत्वपूर्ण तैयारियों में शामिल है। वहीं, सिंचाई परियोजनाओं का विकास खेती की उत्पादकता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है।

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