रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 27 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ हर्बल्स के दिवाली गिफ्ट पैक का लोकार्पण किया। वन धन विकास केंद्रों से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों ने इन पैक में शामिल स्थानीय और हर्बल उत्पाद तैयार किए हैं। इस पहल का उद्देश्य प्रदेश के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना और वन उपज संग्राहकों की आय बढ़ाने के अवसर तैयार करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की वन संपदा लाखों वनवासी परिवारों की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है। वनोपज का प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन प्रदेश में ही होने से स्थानीय लोगों को आर्थिक लाभ पहुंचाने में मदद मिलेगी।
प्रीमियम और सामान्य श्रेणी में उपलब्ध होंगे गिफ्ट पैक
छत्तीसगढ़ हर्बल्स गिफ्ट पैक दो श्रेणियों में तैयार किए गए हैं। प्रीमियम पैक में नौ प्रकार के चुनिंदा उत्पाद रखे गए हैं, जबकि सामान्य पैक में पांच प्रकार के उत्पाद शामिल हैं। आकर्षक पैकेजिंग के साथ तैयार इन पैक के जरिए दिवाली पर स्थानीय उत्पादों को उपहार के रूप में अपनाने का अवसर मिलेगा।
इन पैक की बिक्री छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ द्वारा संचालित संजीवनी विक्रय केंद्रों के माध्यम से की जाएगी। इससे स्थानीय उत्पादों की पहुंच ग्राहकों तक बढ़ाने में सहायता मिल सकती है।
गिफ्ट पैक में शामिल हैं छत्तीसगढ़ के खास उत्पाद
इन पैक में प्रदेश की वन संपदा और पारंपरिक स्वाद से जुड़े कई उत्पाद शामिल हैं। इनमें जामुन जूस, जामुन स्प्रेड, आंवला कैंडी, इमली कैंडी, कोदो और महुआ से बने कुकीज़, च्यवनप्राश, वाइल्ड फॉरेस्ट हनी, बस्तर के मसाले, नमकीन काजू, जशपुर की ग्रीन टी और एलोवेरा जेल जैसे उत्पाद शामिल हैं।
इन उत्पादों के जरिए स्थानीय स्वाद, पारंपरिक खाद्य संस्कृति और वन आधारित संसाधनों को नई पहचान देने का प्रयास किया जा रहा है। बेहतर पैकेजिंग और ब्रांडिंग से स्थानीय उत्पादों को बाजार में स्थापित करने में भी मदद मिल सकती है।
वन धन विकास केंद्रों से तैयार हो रहे उत्पाद
गिफ्ट पैक में शामिल उत्पाद राजनांदगांव के कौरीनभाटा, कवर्धा के बोड़ला, जशपुर के पंचक्की, जगदलपुर के आसना, धमतरी के दुगली और कटघोरा के डोंगानाला सहित विभिन्न वन धन विकास केंद्रों और प्रसंस्करण इकाइयों में तैयार किए जा रहे हैं। दुर्ग जिले की जामगांव (एम) स्थित केंद्रीय प्रसंस्करण इकाई भी इस काम से जुड़ी है।
दी गई जानकारी के अनुसार, इन केंद्रों का वार्षिक कारोबार लगभग 60 से 70 लाख रुपये है। यहां प्रसंस्करण, निर्माण और पैकेजिंग जैसी गतिविधियों से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के अवसर बन रहे हैं।
महिला स्व-सहायता समूहों को मिलेगा आर्थिक लाभ
महिला स्व-सहायता समूह स्थानीय वनोपज को उपयोगी उत्पादों में बदलने से लेकर उनकी पैकेजिंग तक की गतिविधियों में भागीदारी निभा रहे हैं। छत्तीसगढ़ हर्बल्स गिफ्ट पैक की मांग बढ़ने से इन समूहों और वन उपज संग्राहकों को अपने उत्पाद बेचने के अतिरिक्त अवसर मिल सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से स्थानीय उत्पाद खरीदने और उपहार में देने की अपील की। इस पहल से ग्रामीण आजीविका, महिला उद्यमिता और प्रदेश की स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने का लक्ष्य है।
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