जशपुर में 3147 करोड़ की भारतमाला परियोजना से बदलेगी तस्वीर

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छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में सड़क संपर्क मजबूत करने की दिशा में बड़ा काम आगे बढ़ रहा है। भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर का निर्माण जारी है। इस परियोजना के जशपुर से जुड़े हिस्से पर लगभग 3,147 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इससे जिले का संपर्क प्रदेश के प्रमुख शहरों और झारखंड से बेहतर होने की उम्मीद है।

104 किलोमीटर से अधिक लंबी सड़क से बढ़ेगी कनेक्टिविटी

परियोजना के तहत पथलगांव से छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा तक लगभग 104.25 किलोमीटर सड़क का निर्माण हो रहा है। यह मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग-43 का हिस्सा है। इससे पथलगांव, कुनकुरी और आसपास के क्षेत्रों की सड़क कनेक्टिविटी मजबूत हो सकती है।

रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 627 किलोमीटर बताई गई है। इसमें करीब 384 किलोमीटर हिस्सा छत्तीसगढ़ से गुजरता है। बेहतर सड़क नेटवर्क से रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़ और कोरबा जैसे शहरों से संपर्क आसान होने की उम्मीद है।

राजधानी रायपुर तक सफर में मिल सकती है राहत

जशपुर से रायपुर पहुंचने में फिलहाल यात्रियों को लंबा समय लगता है। बेहतर सड़क बनने से यात्रा अधिक सुगम हो सकती है। हालांकि, वास्तविक समय मार्ग की स्थिति और यातायात पर निर्भर करेगा।

इस कनेक्टिविटी से नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं, उच्च शिक्षा और प्रशासनिक कामों के लिए आने-जाने में मदद मिल सकती है। वहीं, मालवाहक वाहनों के लिए भी परिवहन अधिक व्यवस्थित होने की संभावना है।

व्यापार और कृषि को मिलेगा नया अवसर

बेहतर सड़क संपर्क से स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिल सकता है। किसानों को अपनी उपज बड़े बाजारों तक पहुंचाने में सुविधा मिलने की उम्मीद है। सब्जियों, उद्यानिकी फसलों और अन्य कृषि उत्पादों की ढुलाई भी आसान हो सकती है।

स्थानीय कारोबार को मिलने वाले संभावित लाभ:

  • कृषि उपज और वनोपज को बाजारों तक पहुंचाने में सुविधा।
  • परिवहन और माल ढुलाई में लगने वाले समय में संभावित कमी।
  • स्थानीय व्यवसायों और छोटे उद्यमों के विस्तार के अवसर।
  • निर्माण और उससे जुड़ी गतिविधियों में रोजगार की संभावनाएं।

पर्यटन स्थलों तक पहुंच हो सकती है आसान

जशपुर प्राकृतिक सुंदरता, झरनों, पहाड़ियों और धार्मिक स्थलों के लिए जाना जाता है। यहां रानीदाह जलप्रपात, कैलाश गुफा और मयाली जैसे पर्यटन स्थल मौजूद हैं। बेहतर सड़क संपर्क से पर्यटकों की यात्रा सुविधाजनक हो सकती है।

पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने पर होटल, होमस्टे, स्थानीय परिवहन और हस्तशिल्प से जुड़े व्यवसायों को लाभ मिल सकता है। इससे ग्रामीण समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर विकसित होने की संभावना है।

आधुनिक संरचनाओं से सुरक्षित होगा आवागमन

इस सड़क खंड पर पुलों, फ्लाईओवरों और विभिन्न प्रकार के अंडरपास का निर्माण प्रस्तावित है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, परियोजना में छोटे-बड़े कुल 382 ढांचों का प्रावधान है। इनमें प्रमुख और छोटे पुल, फ्लाईओवर, वाहन अंडरपास तथा पैदल यात्रियों और पशुओं के लिए रास्ते शामिल हैं।

वन्यजीवों की आवाजाही के अनुकूल संरचनाएं भी बनाई जा रही हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य यातायात को व्यवस्थित करना और स्थानीय आवाजाही को सुविधाजनक बनाना है।

सड़क और रेल संपर्क से विकास की उम्मीद

जशपुर में सड़क नेटवर्क के विस्तार के साथ रेल संपर्क को लेकर भी उम्मीदें जुड़ी हैं। बेहतर परिवहन व्यवस्था जिले के दूरस्थ ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के लिए उपयोगी हो सकती है।

कुल मिलाकर, भारतमाला परियोजना जशपुर की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है। इसके वास्तविक लाभ निर्माण पूरा होने और सड़क के संचालन में आने के बाद स्पष्ट होंगे।




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