बस्तर शौर्यांजलि कार्यक्रम में 50 अमर शहीदों को श्रद्धांजलि, परिजनों का हुआ सम्मान

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रायपुर, 17 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में वीर जवानों के साहस और बलिदान को याद किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में आयोजित ‘शौर्यांजलि’ कार्यक्रम में श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान बस्तर में शांति और सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले 50 शहीदों को नमन किया गया। मुख्यमंत्री ने शहीदों के परिजनों का सम्मान भी किया।

‘शौर्यांजलि : बस्तर के नायकों को समर्पित’ कार्यक्रम का आयोजन द हिन्दू फाउंडेशन, नागपुर ने किया। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर चल रहे सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि जवानों का त्याग बस्तर की शांति और सुरक्षित भविष्य की नींव है।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने कठिन परिस्थितियों में भी कर्तव्य निभाया। उनके साहस और समर्पण को आने वाली पीढ़ियां हमेशा याद रखेंगी। मुख्यमंत्री ने शहीद परिवारों के प्रति संवेदना और कृतज्ञता भी व्यक्त की।

शहीद परिवारों का सम्मान सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि किसी प्रियजन को खोने की पीड़ा अपूरणीय होती है। एक जवान के शहीद होने से पूरा परिवार गहरे दुख से गुजरता है। मां अपना बेटा, पत्नी अपना जीवनसाथी और बच्चे अपने पिता को खो देते हैं।

उन्होंने कहा कि शहीद जवान केवल अपने परिवारों के नहीं, बल्कि पूरे देश के गौरव हैं। उनके परिवारों का सम्मान और कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार हर सुख-दुख में उनके साथ खड़ी रहेगी।

शहीद परिवारों की आवश्यकताओं का ध्यान रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उनके त्याग को सम्मान देना केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं होना चाहिए। उनके जीवन और भविष्य की चिंता भी जरूरी है।

नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में जवानों की अहम भूमिका

मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान में सुरक्षा बलों के योगदान को याद किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन का उल्लेख किया। उनके अनुसार, केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से अभियान को निर्णायक सफलता मिली है।

उन्होंने कहा कि बस्तर ने कई दशकों तक हिंसा का सामना किया। दुर्गम जंगलों और पहाड़ी इलाकों में जवानों ने अनेक चुनौतियों का सामना किया। छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला रिजर्व गार्ड, बस्तर फाइटर्स और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जवानों के बलिदान ने शांति की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता तैयार किया। उनके साहस को राज्य हमेशा सम्मान के साथ याद रखेगा।

बस्तर में शांति के साथ विकास को नई दिशा

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अब शांति, विश्वास और विकास की नई पहचान बना रहा है। जिन इलाकों में कभी हिंसा का डर था, वहां बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। सड़कों, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को दूरस्थ गांवों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने ‘नियद नेल्लानार’ योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य दूरस्थ गांवों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। सरकार चाहती है कि कोई भी गांव विकास की मुख्यधारा से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री ने बस्तर की संस्कृति, पर्यटन और युवाओं की प्रतिभाओं को भी महत्वपूर्ण बताया। बस्तर ओलंपिक से खेल प्रतिभाओं को मंच मिल रहा है। वहीं, बस्तर पंडुम जनजातीय कला और परंपराओं को पहचान दिला रहा है।

शहीदों के सपनों का बस्तर बनाने का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि शांतिपूर्ण और विकसित बस्तर बनाना शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने नई पीढ़ी को जवानों के संघर्ष और बलिदान से परिचित कराने पर भी जोर दिया।

  • शहीद परिवारों का सम्मान: उनके कल्याण और आवश्यकताओं का ध्यान रखना सरकार की प्राथमिकता रहेगी।
  • विकास का विस्तार: शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार के अवसर दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाने का प्रयास जारी रहेगा।

मुख्यमंत्री ने द हिन्दू फाउंडेशन की पहल की सराहना की। उन्होंने बताया कि संस्था ने देशभर में यात्रा करके 800 से अधिक शहीद परिवारों तक पहुंचने का प्रयास किया है। इस पहल को उन्होंने समाज की कृतज्ञता का प्रतीक बताया।

शौर्यांजलि कार्यक्रम ने दिया एकजुटता का संदेश

बस्तर शौर्यांजलि कार्यक्रम में शहीद परिवारों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में शहीदों के त्याग को याद करने के साथ उनके सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जवानों का बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाएगा। बस्तर में स्थापित होती शांति को स्थायी बनाना सभी की जिम्मेदारी है। विकास और खुशहाली का लाभ हर परिवार तक पहुंचना चाहिए।

कार्यक्रम में द हिन्दू फाउंडेशन, नागपुर के संयोजक संदीप गुप्ता और शहीद वीर नारायण सिंह के वंशज राजेंद्र सिंह दीवान सहित अनेक अतिथि उपस्थित रहे।




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