छत्तीसगढ़ महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार शिक्षा, सुरक्षा और रोजगार पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महिलाओं को विकास की नेतृत्वकर्ता बनाने की बात कही। उन्होंने रायपुर में आयोजित शक्ति स्वरूपा कार्यक्रम में यह विचार साझा किए। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया गया।
छत्तीसगढ़ महिला सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी से प्रदेश का विकास मजबूत होगा। इसलिए, सरकार उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयास कर रही है। साथ ही, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्यमिता के अवसर बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक संबल
महतारी वंदन योजना के तहत 68 लाख से अधिक महिलाओं को सहायता मिल रही है। पात्र महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये दिए जाते हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, 32 किस्तों में 20,700 करोड़ रुपये से अधिक अंतरित किए गए हैं।
लखपति दीदी अभियान से बढ़ रही आत्मनिर्भरता
प्रदेश में 14 लाख महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं। स्व-सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को आजीविका से जोड़ने में मदद कर रहे हैं। इसके अलावा, सरकार महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दे रही है।
बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने बस्तर में बंद स्कूलों को दोबारा शुरू करने का उल्लेख किया। नक्सल हिंसा के कारण बंद हुए 421 स्कूल फिर शुरू किए गए हैं। इससे बच्चों की शिक्षा को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम की प्रमुख बातें
- शक्ति स्वरूपा कार्यक्रम रायपुर में आयोजित हुआ।
- मुख्यमंत्री ने उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया।
- महतारी वंदन योजना के तहत आर्थिक सहायता दी जा रही है।
- 14 लाख महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं।
- बस्तर में 421 स्कूल दोबारा शुरू किए गए हैं।
छत्तीसगढ़ महिला सशक्तिकरण से विकास का संकल्प
मुख्यमंत्री ने महिलाओं को योजनाओं का लाभ लेने के साथ नेतृत्व में आगे बढ़ने का आह्वान किया। आर्थिक आत्मनिर्भरता, शिक्षा और सुरक्षा इस दिशा में महत्वपूर्ण हैं। इन प्रयासों से महिलाएं परिवार, समाज और प्रदेश के विकास में अधिक योगदान दे सकेंगी।
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