लिटिल थॉमस फिल्म: थिएटर तक पहुंची गोवा की बच्चों वाली कहानी

लिटिल थॉमस फिल्म: गोवा के पुराने घर के आंगन में मम्मी-पापा के बीच खड़े बच्चे का मूल इलस्ट्रेशन

हिंदी सिनेमा में बच्चों को केंद्र में रखकर बनी फिल्में गिनी-चुनी हैं. इसलिए जब ऐसी कोई फिल्म थिएटर तक पहुंचती है, तो उस पर नज़र जाना स्वाभाविक है. लिटिल थॉमस फिल्म 23 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में आ रही है. दो साल के फेस्टिवल सफर के बाद यह भारतीय दर्शकों से मिलेगी.

लिटिल थॉमस फिल्म की कहानी और खासियत क्या है

यह 1990 के दशक के गोवा में बसे एक परिवार की कहानी है. सात साल का थॉमस घर का इकलौता बच्चा है और उसे छोटा भाई चाहिए. उसे लगता है कि इसके लिए झगड़ने वाले मम्मी-पापा का करीब आना ज़रूरी है. फिर वह दोनों को मिलाने की मासूम योजनाएं बनाता है.

फिल्म को समझने के लिए पांच तथ्य

  • निर्देशन: कौशल ओझा, जिनकी यह पहली फीचर फिल्म है.
  • थॉमस के रोल में बाल कलाकार ह्रिदांश पारेख हैं.
  • माता-पिता के रोल में गुलशन देवैया और रसिका दुग्गल हैं.
  • वर्ल्ड प्रीमियर अगस्त 2024 में मेलबर्न फिल्म फेस्टिवल में हुआ.
  • थिएटर रिलीज़ 23 अक्टूबर 2026 को है.

एक बच्चे की नज़र से परिवार

ज़्यादातर फैमिली फिल्में बड़ों के नज़रिए से चलती हैं. इसके उलट लिटिल थॉमस फिल्म की कहानी एक बच्चे की आंखों से आगे बढ़ती है. हालांकि थॉमस को घर की तनातनी पूरी तरह समझ नहीं आती. फिर भी वह उसे अपने तरीके से सुलझाने की कोशिश करता है.

यही फर्क फिल्म को दिलचस्प बनाता है. दरअसल बच्चे की मासूम ज़िद के पीछे माता-पिता के रिश्ते की परतें खुलती हैं. रसिका दुग्गल ने द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया से कहा कि यह बच्चों की फिल्म है, पर बड़े भी इसका उतना ही आनंद ले सकते हैं. वहीं गुलशन देवैया इसे गोवा के एक सीधे-सादे परिवार की दिल छूने वाली कहानी बताते हैं.

अनुराग कश्यप और बच्चों का सिनेमा

अनुराग कश्यप का नाम सुनते ही अक्सर गैंगस्टर कहानियां और डार्क थ्रिलर याद आते हैं. ऐसे में उनका बच्चों की फिल्म से जुड़ना ध्यान खींचता है. द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया के मुताबिक 2007 की एनिमेशन फिल्म ‘रिटर्न ऑफ हनुमान’ के बाद यह उनकी पहली बच्चों वाली फिल्म है.

कश्यप ने 2024 में वैरायटी और PTI से बातचीत में माना था कि सच्ची बच्चों की फिल्म बनाना कठिन विधा है. उनके मुताबिक इसके लिए स्क्रिप्ट का अच्छा होना पहली शर्त है. इसके अलावा फिल्म को कई बैनरों ने मिलकर बनाया है. इनमें लुमिनोसो पिक्चर्स, सिविक स्टूडियोज़, गुड बैड फिल्म्स और फ्लिप फिल्म्स शामिल हैं.

नए निर्देशक की पहली फिल्म

अब बात निर्देशक की. कौशल ओझा ने फिल्म लिखी भी है और निर्देशित भी की है. वैरायटी की 2024 की रिपोर्ट में उन्हें पुणे के फिल्म संस्थान FTII का पूर्व छात्र बताया गया था. इसके अलावा कुछ रिपोर्ट्स उन्हें नेशनल अवॉर्ड विजेता फिल्ममेकर कहती हैं, हालांकि किस श्रेणी में अवॉर्ड मिला, यह साफ नहीं है.

ओझा का कहना है कि फिल्म दर्शकों को मुस्कुराने, हंसने और शायद एक-दो आंसू बहाने पर मजबूर करेगी. यानी वह इसे हल्की-फुल्की कॉमेडी के साथ भावनात्मक कहानी के तौर पर पेश कर रहे हैं.

मेलबर्न से न्यूयॉर्क तक का सफर

लिटिल थॉमस फिल्म का पहला शो अगस्त 2024 में इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न में हुआ था. इसके बाद जून 2025 में न्यूयॉर्क इंडियन फिल्म फेस्टिवल ने इसे अपनी क्लोज़िंग फिल्म चुना. वहीं गुलशन, रसिका और कौशल ओझा को नॉमिनेशन मिले.

हालांकि तीनों में से कोई भी अवॉर्ड फिल्म के नाम नहीं हुआ. फिर भी फेस्टिवल में मिली पहचान ने इसे थिएटर रिलीज़ तक पहुंचाने में मदद की. 11 सितंबर 2026 को मेकर्स ने 23 अक्टूबर की तारीख का एलान किया.

संगीत और गोवा का माहौल

फिल्म का पहला गाना ‘दो गुना ज़िंदगी’ 24 सितंबर को आया. इसे राघव मीटल ने आवाज़ दी है. संगीत आदित्य एन. और नयनतारा भटकल का है, जबकि बोल सुरेश भाटिया ने लिखे हैं. खास बात यह है कि गाने में बचपन की बेफिक्री का मूड है.

साथ ही गोवा फिल्म का अहम हिस्सा है. 90 के दशक का गोवा, पुराने मकान और धीमी रफ्तार वाली ज़िंदगी कहानी का माहौल बनाते हैं. 1 अक्टूबर को आया ट्रेलर भी इसी गोवाई परिवार की झलक देता है.

परिवारों के लिए यह फिल्म क्यों मायने रखती है

आमतौर पर थिएटर में ज़्यादातर बड़ी फिल्में एक्शन या थ्रिलर होती हैं. ऐसे में बच्चों के साथ देखने लायक विकल्प कम मिलते हैं. लिटिल थॉमस फिल्म इस कमी को कुछ हद तक भरती दिखती है. फिर भी कहानी में माता-पिता के झगड़े और किस जैसी बातें हैं. इसलिए छोटे बच्चों के साथ जाने से पहले सेंसर सर्टिफिकेट और ट्रेलर देख लेना समझदारी है.

लिटिल थॉमस फिल्म पर आम सवाल

क्या यह एनिमेशन फिल्म है?

नहीं, यह असली कलाकारों वाली लाइव-एक्शन फिल्म है. इसमें बाल कलाकार ह्रिदांश पारेख मुख्य भूमिका में हैं.

फिल्म कितनी लंबी है?

न्यूयॉर्क फेस्टिवल के पेज पर फेस्टिवल वर्ज़न की अवधि 2 घंटे 5 मिनट लिखी है. थिएटर वर्ज़न की अवधि सेंसर सर्टिफिकेट के बाद साफ होगी.

नोट: यह प्रीव्यू 4 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध रिपोर्ट्स पर आधारित है, रिव्यू नहीं. रिलीज़, अवधि और सर्टिफिकेट से जुड़ी जानकारी बदल सकती है.

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