छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय रोजगार मेला संपन्न हो गया। दो दिवसीय आयोजन में प्रदेशभर से 13 हजार से अधिक युवाओं ने भाग लिया। विभिन्न कंपनियों की चयन प्रक्रिया के बाद 5 हजार से अधिक अभ्यर्थियों का अंतिम चयन हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लगभग 1,100 चयनित युवाओं को ऑफर लेटर सौंपे। (रोजगार मेला)
यह आयोजन 7 और 8 अक्टूबर को सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में हुआ। इसमें प्रदेश के सभी जिलों के साथ दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों के युवा भी पहुंचे। युवाओं ने अपनी शैक्षणिक योग्यता और कौशल के अनुसार अवसरों के लिए आवेदन किया।
मुख्यमंत्री ने चयनित युवाओं को सौंपे ऑफर लेटर
समापन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर देना प्राथमिकता है। सरकार चाहती है कि प्रदेश के युवाओं को अपने राज्य में ही बेहतर अवसर मिलें।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा अपनी प्रतिभा से परिवार, प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
95 से अधिक कंपनियों ने दी रोजगार की जानकारी
आयोजन में 95 से अधिक पंजीकृत नियोक्ता संस्थानों और अन्य कंपनियों ने भाग लिया। परिसर में करीब 50 स्टॉल लगाए गए थे। यहां दस्तावेजों का सत्यापन, साक्षात्कार और चयन प्रक्रिया आयोजित हुई।
आईटीआई, डिप्लोमा, इंजीनियरिंग और स्नातक की योग्यता वाले युवाओं को अवसर मिले। तकनीकी शिक्षा संस्थानों और कौशल विकास से जुड़े विभागों ने भी सहयोग किया। इससे कंपनियों और नौकरी तलाश रहे युवाओं को एक मंच मिला।
ढाई साल में 25,845 युवाओं को मिला रोजगार
राज्य सरकार के अनुसार, पिछले ढाई वर्षों में प्रदेशभर में 925 रोजगार मेले आयोजित किए गए। इनके माध्यम से 25 हजार 845 से अधिक युवाओं को रोजगार मिला। सरकार शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और नौकरी के अवसरों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दे रही है।
आज के समय में केवल शैक्षणिक डिग्री पर्याप्त नहीं है। उद्योगों की जरूरत के अनुसार व्यावहारिक प्रशिक्षण भी जरूरी है। इसलिए कौशल विकास कार्यक्रमों को रोजगार से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
ई-रोजगार पोर्टल बनेगा स्किल मार्केट
राज्य सरकार ई-रोजगार पोर्टल को ‘स्किल मार्केट’ के रूप में विकसित करने की योजना बना रही है। इस डिजिटल मंच पर कंपनियों की जरूरतों और उपलब्ध रिक्त पदों की जानकारी मिलेगी। साथ ही, नौकरी चाहने वाले युवाओं की योग्यता और कौशल का विवरण भी उपलब्ध होगा।
इस व्यवस्था से युवाओं को अपनी योग्यता के अनुसार अवसर तलाशने में मदद मिल सकती है। कंपनियों को भी जरूरत के मुताबिक कुशल उम्मीदवार खोजने में आसानी होगी। ऑनलाइन प्रक्रिया से भर्ती संबंधी जानकारी अधिक व्यवस्थित करने में सहायता मिलेगी।
जिनका चयन नहीं हुआ, उनके लिए भी अवसर
मुख्यमंत्री ने चयनित नहीं होने वाले युवाओं से निराश न होने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार आगे भी रोजगार मेलों और कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास करेगी।
कार्यक्रम में पॉलिटेक्निक संस्थानों की गुणवत्ता सुधारने से जुड़ी मूल्यांकन रिपोर्ट भी जारी की गई। इसे क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया ने तैयार किया है। रिपोर्ट में शिक्षण, प्रशिक्षण और अधोसंरचना से जुड़े पहलुओं का आकलन किया गया है।
कुल मिलाकर, रोजगार मेला युवाओं और कंपनियों को जोड़ने का माध्यम बना। ई-रोजगार पोर्टल के प्रस्तावित विकास से भविष्य में भर्ती प्रक्रिया को डिजिटल रूप से मजबूत करने की संभावना है।
यह भी पढ़ें: रायपुर : बस्तर में पुनर्वास और स्वावलंबन की मिसाल बना ‘पण्डुम कैफ़े’, केंद्रीय सहकारिता सचिव ने की सराहना
जशपुर में फिजियोथेरेपी कॉलेज शुरू करने की तैयारी,50 सीटों पर मिलेगा प्रवेश