मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सिंगापुर यात्रा कई अहम उपलब्धियां लेकर आई। यात्रा के अंतिम दिन कौशल विकास को लेकर महत्वपूर्ण समझौता हुआ। वहीं, एग्रो और फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में ₹350 करोड़ का प्रस्ताव मिला। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ निवेश के एफडीआई प्रस्ताव बढ़कर ₹43,600 करोड़ हो गए।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कई वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों से चर्चा की। निवेश के साथ तकनीक और कौशल विकास पर भी जोर दिया गया। सरकार ने प्रदेश के युवाओं को उद्योगों से जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाया।
छत्तीसगढ़ निवेश के साथ कौशल विकास पर बड़ा समझौता
मुख्यमंत्री की मौजूदगी में ITE Education Services, Singapore के साथ एमओयू हुआ। समझौते का उद्देश्य तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण को मजबूत करना है। इसके तहत उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण मॉडल विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री और प्रतिनिधिमंडल ने ITE कॉलेज का दौरा भी किया। वहां उद्योग आधारित प्रशिक्षण व्यवस्था को समझा गया। सिंगापुर में कई बड़ी कंपनियां ITE के साथ मिलकर पाठ्यक्रम तैयार करती हैं। इसी मॉडल से छत्तीसगढ़ में भी लाभ लेने की योजना है।
युवाओं के लिए छत्तीसगढ़ निवेश से बनेंगे नए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों की ताकत कुशल युवा होते हैं। इसलिए युवाओं को आधुनिक प्रशिक्षण देना जरूरी है। नए उद्योगों को स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित कर्मचारी मिल सकेंगे। इससे रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
इसके अलावा, प्रशिक्षकों की क्षमता बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाएगा। उद्योगों की जरूरत के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे। इससे प्रशिक्षण और रोजगार के बीच की दूरी कम करने में मदद मिलेगी।
एग्रो प्रोसेसिंग में ₹350 करोड़ का निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने Valency International Pte Ltd को छत्तीसगढ़ में निवेश का आमंत्रण दिया। कंपनी ने एग्रो और फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में ₹350 करोड़ का प्रस्ताव दिया है। कंपनी प्रदेश में इंटीग्रेटेड एग्रो प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट हब स्थापित करेगी।
इस हब में काजू, तिल, दलहन और मूंगफली की प्रोसेसिंग होगी। इससे किसानों की उपज का स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन होगा। साथ ही, उत्पादों को नए बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी बन सकते हैं। एग्रो सेक्टर में प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट गतिविधियां बढ़ेंगी। इससे कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद है।
15 से ज्यादा वैश्विक कंपनियों से निवेश पर चर्चा
सिंगापुर में आयोजित सीईओ राउंडटेबल में मुख्यमंत्री ने 15 से अधिक कंपनियों से संवाद किया। इनमें TCS, SMBC, Tolaram Group और Agrocorp जैसी कंपनियां शामिल थीं। बैठक में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
टेक्नोलॉजी, बैंकिंग और एग्रीबिजनेस पर विशेष बातचीत हुई। इसके अलावा एक्वाकल्चर और फूड सेक्टर भी चर्चा के प्रमुख विषय रहे। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की निवेश नीतियों और कारोबारी माहौल की जानकारी दी।
AI और डिजिटल फाइनेंस में प्रशिक्षण की तैयारी
मुख्यमंत्री ने Global Finance & Technology Network के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। बैठक में युवाओं को AI और डिजिटल फाइनेंस की ट्रेनिंग देने पर चर्चा हुई। स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेशकों से जोड़ने की संभावनाएं भी सामने आईं।
इसके साथ ही नई तकनीकों के लिए टेक लैब स्थापित करने पर विचार हुआ। इससे युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल हासिल करने में मदद मिल सकती है। वहीं, स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसर मिल सकते हैं।
सिंगापुर से मजबूत हुई वैश्विक साझेदारी
मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के विदेश मंत्री डॉ. विवियन बालाकृष्णन से भी मुलाकात की। दोनों के बीच निवेश और कौशल विकास पर चर्चा हुई। शहरी नियोजन और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी विचार किया गया।
छत्तीसगढ़ ने Singapore-India Network for Growth Forum 2026 में भी भाग लिया। यह भागीदारी विदेश मंत्रालय के नामांकन पर हुई। यात्रा के दौरान निवेश के साथ वैश्विक सहयोग पर भी जोर रहा।
सिंगापुर यात्रा में छत्तीसगढ़ निवेश को लेकर कई प्रस्ताव सामने आए। साथ ही, कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण की दिशा में समझौते हुए। इन पहलों से प्रदेश के युवाओं और कृषि क्षेत्र को नए अवसर मिलने की संभावना है।
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