दिव्यांग सेवा शिविर: बस्तर में आईईडी पीड़ितों को मिलेंगे कृत्रिम अंग

दिव्यांग सेवा शिविर

बस्तर में आईईडी विस्फोटों से प्रभावित लोगों के लिए राहत की पहल शुरू हुई है। सरकार ने उनके जीवन को आसान बनाने के लिए विशेष शिविर आयोजित किए हैं। इन शिविरों में जरूरतमंद लोगों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण मिलेंगे।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। खासतौर पर आईईडी विस्फोटों में हाथ-पैर गंवाने वालों को मदद दी जाएगी।

इसके अलावा अन्य दिव्यांगजन भी इन शिविरों का लाभ ले सकेंगे। विशेषज्ञ जांच के बाद जरूरत के अनुसार उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।

दिव्यांग सेवा शिविर- जगदलपुर और दंतेवाड़ा में होंगे शिविर

बस्तर संभाग में दो चरणों में दिव्यांग सेवा शिविर आयोजित किए जाएंगे। पहला शिविर 5 से 7 अक्टूबर तक जगदलपुर में लगेगा।

इस शिविर में चार जिलों के दिव्यांगजन शामिल होंगे। इसमें बस्तर, कांकेर, नारायणपुर और कोंडागांव जिले शामिल हैं।

दूसरा शिविर 15 से 17 अक्टूबर तक दंतेवाड़ा में आयोजित होगा। इसमें दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर के हितग्राही शामिल होंगे।

दिव्यांग सेवा शिविर- आईईडी पीड़ितों को मिलेगी विशेष प्राथमिकता

दिव्यांग सेवा शिविर में आईईडी विस्फोटों से दिव्यांग हुए लोगों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। उनकी जरूरत के अनुसार कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जाएंगे।

इनमें जयपुर फुट और कृत्रिम हाथ प्रमुख हैं। जरूरत के अनुसार कैलिपर्स और दूसरे उपकरण भी दिए जाएंगे।

विशेषज्ञ हितग्राहियों की जांच करेंगे। इसके बाद सही माप लेकर कृत्रिम अंग तैयार किए जाएंगे।

2,953 दिव्यांगजन जगदलपुर के लिए चिन्हित

जगदलपुर में होने वाले शिविर की तैयारियां पूरी की जा रही हैं। इसके लिए चार जिलों से 2,953 दिव्यांगजन चिन्हित किए गए हैं।

बस्तर जिले से 1,570 लोग सूची में शामिल हैं। वहीं कोंडागांव से 1,080 हितग्राही चिन्हित हुए हैं।

कांकेर से 236 और नारायणपुर से 67 दिव्यांगजन शामिल हैं। इन्हें जरूरत के अनुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

कई तरह के सहायक उपकरण भी मिलेंगे

शिविर में सिर्फ कृत्रिम हाथ-पैर ही नहीं दिए जाएंगे। दिव्यांगजनों को कई अन्य जरूरी उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

इनमें श्रवण यंत्र, व्हीलचेयर और ट्राइसाइकिल शामिल हैं। इसके अलावा बैसाखी, स्मार्ट छड़ी और वॉकिंग स्टिक भी दिए जाएंगे।

दृष्टिबाधित लोगों के लिए उपयोगी उपकरण भी उपलब्ध होंगे। वहीं कैलिपर्स की सुविधा भी रखी गई है।

पुराने कृत्रिम अंगों की मरम्मत भी होगी

कई दिव्यांगजन पहले से कृत्रिम अंग का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे लोगों के लिए भी शिविर में सुविधा रखी गई है।

पुराने या खराब कृत्रिम अंगों की मरम्मत की जाएगी। जरूरत के अनुसार नए उपकरण भी तैयार किए जाएंगे।

इससे लोगों को रोजमर्रा के काम करने में सुविधा मिल सकती है। साथ ही उनकी परेशानी कम करने में मदद मिलेगी।

ग्राम पंचायत से जिला स्तर तक पंजीयन

हितग्राहियों के पंजीयन की व्यवस्था कई स्तरों पर की गई है। लोग अपने जिले के अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।

कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक कार्यालय से भी जानकारी ली जा सकती है। जिला पंचायत और जनपद पंचायत के अधिकारियों से संपर्क किया जा सकता है।

ग्राम पंचायत स्तर पर भी नाम दर्ज किए जाएंगे। ग्राम सभा के माध्यम से जरूरतमंद लोगों की जानकारी आगे भेजी जाएगी।

बिना पंजीयन के भी पहुंच सकते हैं जरूरतमंद

यदि किसी व्यक्ति का पहले पंजीयन नहीं हो पाया है, तो वह सीधे शिविर पहुंच सकता है। सरकार ने जरूरतमंद लोगों से शिविर में आने की अपील की है।

हितग्राहियों के भोजन और ठहरने की व्यवस्था भी की जाएगी। इससे दूर-दराज से आने वाले लोगों को सुविधा मिलेगी।

दिव्यांग सेवा शिविर- बस्तर में सहायता पहुंचाने पर सरकार का जोर

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सरकार आईईडी प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है। लक्ष्य है कि अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचे।

दिव्यांग सेवा शिविर के जरिए बस्तर संभाग के कई जिलों को जोड़ा गया है। इससे अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों को एक ही मंच पर सुविधा मिलेगी।

कुल मिलाकर, यह पहल आईईडी विस्फोटों से प्रभावित परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। कृत्रिम अंग मिलने से कई लोगों की दैनिक गतिविधियां आसान हो सकती हैं।

शिविरों से जुड़ी जरूरी जानकारी

  • जगदलपुर में शिविर 5 से 7 अक्टूबर तक होगा।
  • दंतेवाड़ा में शिविर 15 से 17 अक्टूबर तक लगेगा।
  • आईईडी पीड़ितों को विशेष प्राथमिकता मिलेगी।
  • जयपुर फुट और कृत्रिम हाथ उपलब्ध कराए जाएंगे।
  • अन्य सहायक उपकरण भी वितरित होंगे।

किन लोगों को मिलेगा लाभ

  • आईईडी विस्फोट से दिव्यांग हुए नागरिक।
  • अन्य कारणों से दिव्यांग हुए जरूरतमंद लोग।
  • कृत्रिम अंग की जरूरत वाले हितग्राही।
  • पुराने कृत्रिम अंग की मरम्मत चाहने वाले लोग।

बस्तर में आयोजित होने वाला दिव्यांग सेवा शिविर जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने की महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य दिव्यांगजनों के जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाना है।

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