ईशा सिंह ने रचा इतिहास, शूटिंग में चमका नाम

ईशा सिंह

भारतीय निशानेबाज ईशा सिंह ने कम उम्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने नौ साल की उम्र में शूटिंग शुरू की थी। महज 13 साल में वह सीनियर राष्ट्रीय चैंपियन बनीं। अब उनके नाम 25 मीटर पिस्टल का विश्व रिकॉर्ड भी दर्ज है।

एशियन गेम्स 2026 में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में उन्होंने रजत पदक जीता। फाइनल में पदक के लिए उन्हें पांच शूट-ऑफ से गुजरना पड़ा।

नौ साल की उम्र में शुरू किया शूटिंग सफर

ईशा सिंह का जन्म 1 जनवरी 2005 को हैदराबाद में हुआ। उनके पिता सचिन सिंह मोटरस्पोर्ट्स से जुड़े रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की रैलियों में भी हिस्सा लिया है।

ईशा ने शूटिंग से पहले कई खेल आजमाए थे। इनमें टेनिस, बैडमिंटन, स्केटिंग और गो-कार्टिंग शामिल थे। साल 2014 में वह पिता के साथ शूटिंग रेंज पहुंचीं।

गाचीबोवली शूटिंग रेंज में उनका पहला अनुभव खास रहा। शुरुआत में पिस्टल का वजन उनके लिए मुश्किल था। बाद में हल्की पिस्टल मिलने पर उनकी रुचि बढ़ी।

घर पर बनाया गया अभ्यास का इंतजाम

गाचीबोवली शूटिंग रेंज उनके घर से काफी दूर थी। रोजाना सफर करना प्रशिक्षण के लिए चुनौती बन रहा था। इसलिए उनके पिता ने घर पर अभ्यास की व्यवस्था की।

उन्होंने पेपर टारगेट के साथ शूटिंग का सेटअप तैयार किया। इससे ईशा नियमित अभ्यास कर सकीं। बाद में उन्होंने गगन नारंग की अकादमी में भी प्रशिक्षण लिया।

कम उम्र में प्रशिक्षण और पढ़ाई का संतुलन जरूरी था। परिवार ने उनके अभ्यास में लगातार सहयोग किया।

13 साल में बनीं सीनियर राष्ट्रीय चैंपियन

ईशा ने 2015 में राज्य स्तर पर सफलता हासिल की। उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल में तेलंगाना चैंपियनशिप जीती। इसके बाद उनकी प्रगति तेजी से हुई।

साल 2018 में उन्होंने बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्होंने 62वीं राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण जीता। महिला 10 मीटर एयर पिस्टल में उनका स्कोर 241.0 रहा।

इस प्रदर्शन के साथ वह सीनियर राष्ट्रीय चैंपियन बनीं। उन्होंने अनुभवी खिलाड़ियों के बीच अपनी जगह बनाई। उसी प्रतियोगिता में उन्होंने यूथ और जूनियर वर्ग में भी स्वर्ण जीते।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ा कद

राष्ट्रीय सफलता के बाद उनका अंतरराष्ट्रीय सफर शुरू हुआ। उन्होंने एशियन एयरगन चैंपियनशिप में भी पदक जीता। जूनियर विश्व कप में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा।

2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स में उन्होंने चार पदक जीते। इनमें व्यक्तिगत रजत और टीम स्वर्ण शामिल था। इसके बाद उन्होंने पेरिस ओलंपिक 2024 में भी हिस्सा लिया।

उन्होंने ओलंपिक में 10 मीटर और 25 मीटर पिस्टल स्पर्धाओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनका अनुभव और बढ़ा।

25 मीटर पिस्टल में बनाया विश्व रिकॉर्ड

27 मई 2026 को ईशा ने बड़ी उपलब्धि हासिल की। म्यूनिख ISSF विश्व कप में उन्होंने 25 मीटर पिस्टल फाइनल खेला। उन्होंने फाइनल में 43 हिट का स्कोर बनाया।

इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने विश्व रिकॉर्ड कायम किया। यह रिकॉर्ड सीनियर और जूनियर दोनों वर्गों में दर्ज हुआ। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्होंने स्वर्ण पदक भी जीता।

एशियन गेम्स में पांच शूट-ऑफ का रोमांच

28 सितंबर 2026 को एशियन गेम्स में 25 मीटर पिस्टल फाइनल हुआ। ईशा मुकाबले में एक समय चौथे स्थान पर पहुंच गई थीं। हालांकि, उन्होंने शानदार वापसी की।

50 शॉट के बाद उनका स्कोर 38 अंक रहा। चीन की जियारुइक्सुआन जियाओ का स्कोर भी इतना ही था। इसके बाद मुकाबला शूट-ऑफ तक पहुंच गया।

रजत के लिए ईशा ने उत्तर कोरिया की किम ह्योन सुक का सामना किया। दोनों के बीच तीन शूट-ऑफ हुए। तीसरे शूट-ऑफ में ईशा ने 3-2 से बढ़त बनाई।

इसके बाद स्वर्ण के लिए दो और शूट-ऑफ हुए। पहला शूट-ऑफ 4-4 से बराबर रहा। अगले मुकाबले में जियाओ ने 3-2 से जीत दर्ज की।

इस तरह ईशा सिंह ने एशियन गेम्स में व्यक्तिगत रजत पदक जीता। यह मुकाबला उनके धैर्य और वापसी की मिसाल बना।

परिवार के सहयोग से आगे बढ़ा सफर

ईशा की सफलता में उनके परिवार की अहम भूमिका रही। पिता ने घर पर अभ्यास की सुविधा तैयार की। परिवार ने प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के दौरान भी उनका साथ दिया।

उन्होंने छोटी उम्र में शूटिंग को अपना लक्ष्य बनाया। इसके बाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार आगे बढ़ीं। उनका सफर युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक रहा है।

ईशा सिंह की प्रमुख उपलब्धियां

  • नौ साल की उम्र में शूटिंग शुरू की।
  • 13 साल में सीनियर राष्ट्रीय चैंपियन बनीं।
  • 2023 एशियन गेम्स में चार पदक जीते।
  • 2026 में 25 मीटर पिस्टल विश्व रिकॉर्ड बनाया।

एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन

  • 25 मीटर पिस्टल में व्यक्तिगत रजत पदक जीता।
  • फाइनल मुकाबला पांच शूट-ऑफ तक पहुंचा।
  • चीन की जियारुइक्सुआन जियाओ से स्वर्ण मुकाबला हुआ।
  • दबाव के बीच शानदार वापसी दर्ज की।

ईशा सिंह ने कम उम्र में शूटिंग की दुनिया में पहचान बनाई। उनका सफर राष्ट्रीय चैंपियन से विश्व रिकॉर्ड तक पहुंचा। एशियन गेम्स 2026 का रजत उनके करियर की एक और उपलब्धि है। उनकी निरंतर मेहनत ने भारतीय शूटिंग को नई उम्मीद दी है।


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