स्वर कोकिला लता मंगेशकर जयंती पर देश उन्हें याद कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने गायिका के योगदान को याद करते हुए संदेश साझा किया। पीएम मोदी ने भारतीय संगीत में उनके योगदान की सराहना की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि लता दीदी की आवाज ने देश को गौरवान्वित किया। उनके गीतों ने कई पीढ़ियों को प्रभावित किया। उनकी संगीत यात्रा भारतीय संस्कृति से गहराई से जुड़ी रही।
पीएम मोदी ने लता दीदी को किया याद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि संदेश साझा किया। उन्होंने लता मंगेशकर को उनकी जयंती पर नमन किया। पीएम मोदी ने उनके संगीत योगदान को अतुलनीय बताया।
उन्होंने कहा कि लता दीदी ने अपनी आवाज से देश का नाम रोशन किया। उनके सुरों ने भारतीय संगीत को नई पहचान दी। इसके अलावा उन्होंने सामाजिक और राष्ट्रीय पहलों को भी प्रोत्साहित किया।
प्रधानमंत्री ने उनके योगदान को आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, लता दीदी का संगीत हमेशा याद किया जाएगा।
नरेंद्र भाई कहकर बुलाती थीं लता दीदी
लता मंगेशकर और प्रधानमंत्री मोदी के बीच आत्मीय संबंध था। लता दीदी प्रधानमंत्री को नरेंद्र भाई कहकर संबोधित करती थीं। दोनों के बीच भाई-बहन जैसा स्नेह भी देखने को मिलता था।
रक्षाबंधन के अवसर पर वह प्रधानमंत्री को राखी भेजती थीं। इस रिश्ते का जिक्र कई मौकों पर सामने आया है। इससे दोनों के बीच सम्मान और आत्मीयता दिखाई देती थी।
1929 में हुआ था लता मंगेशकर का जन्म
लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर 1929 को हुआ था। उनका जन्म इंदौर के एक मराठी परिवार में हुआ था। उनके पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर प्रसिद्ध रंगमंच कलाकार थे।
संगीत का वातावरण उन्हें परिवार से ही मिला था। उन्होंने बचपन से ही संगीत और अभिनय में रुचि दिखाई। महज पांच साल की उम्र में उन्होंने मंच पर अभिनय किया था।
13 साल की उम्र से शुरू किया गायन
लता मंगेशकर ने कम उम्र में ही फिल्मों के लिए गाना शुरू किया। करीब 13 वर्ष की उम्र में उन्होंने फिल्मी गायन की शुरुआत की। इसके बाद उनकी आवाज लगातार लोकप्रिय होती गई।
उनके करियर में कई भाषाओं के गीत शामिल रहे। उन्होंने भारतीय सिनेमा के लिए हजारों गीत रिकॉर्ड किए। उनकी आवाज कई दशकों तक फिल्मों का अहम हिस्सा रही।
2022 में हुआ स्वर कोकिला का निधन
6 फरवरी 2022 को लता मंगेशकर का निधन हुआ था। उनके निधन से भारतीय संगीत जगत को बड़ी क्षति हुई। हालांकि, उनके गीत आज भी श्रोताओं के बीच लोकप्रिय हैं।
उनकी आवाज को भारतीय संगीत की पहचान माना जाता है। उनके गीत अलग-अलग पीढ़ियों के लोगों को जोड़ते हैं। लता मंगेशकर जयंती पर उनके प्रशंसक उन्हें याद करते हैं।
लता दीदी की संगीत विरासत
- लता मंगेशकर ने कई दशकों तक फिल्मी गीत गाए।
- उन्होंने कई भारतीय भाषाओं में गायन किया।
- उनकी आवाज ने भारतीय सिनेमा को नई पहचान दी।
- उनके गीत आज भी श्रोताओं के बीच लोकप्रिय हैं।
जीवन से जुड़ी अहम बातें
- उनका जन्म 28 सितंबर 1929 को हुआ था।
- उनके पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर थे।
- पांच साल की उम्र में मंच पर अभिनय किया।
- 13 साल की उम्र में फिल्मी गायन शुरू किया।
लता मंगेशकर जयंती पर उनकी याद देशभर में ताजा हो जाती है। उनकी आवाज आज भी संगीत प्रेमियों के बीच जीवित है। उनके गीतों ने भारतीय सिनेमा को समृद्ध किया। उनकी संगीत विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
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