औद्योगिक नीति 2024-30 से छत्तीसगढ़ में निवेश और रोजगार को नई रफ्तार
छत्तीसगढ़ में निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। इसी दिशा में औद्योगिक नीति 2024-30 को रोजगार केंद्रित बनाया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंबिकापुर में आयोजित अग्र महाकुंभ-2026 में इसकी जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को अब तक 8.23 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन प्रस्तावों के धरातल पर आने से उद्योगों का विस्तार हो सकता है। साथ ही, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होने की उम्मीद है।
औद्योगिक नीति 2024-30 से निवेश को मिल रहा बढ़ावा
राज्य सरकार के अनुसार, औद्योगिक नीति 2024-30 में रोजगार सृजन को प्रमुखता दी गई है। इसके तहत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन देने की बात कही गई है।
इसके अलावा, महिलाओं सहित विभिन्न वर्गों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए इसे भी उद्योग का दर्जा दिया गया है। इससे होटल, होम-स्टे और पर्यटन सेवाओं में निवेश के अवसर बढ़ सकते हैं।
8.23 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश को अब तक करीब 8.23 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों के लागू होने पर औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है।
वहीं, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार का कहना है कि उद्योगों के विस्तार से युवाओं को नए अवसर मिलेंगे।
स्टार्टअप और कौशल विकास पर भी जोर
युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन को मंजूरी दी गई है। इसके लिए पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इस मिशन के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र स्थापित करने की योजना है। साथ ही, 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब बनाए जाएंगे।
इसके अलावा, 5 इंडस्ट्री सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। इससे युवाओं को तकनीक, कौशल और नवाचार से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
स्थानीय उत्पादों को मिलेंगे नए बाजार
छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को भी मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों से जोड़ना है।
इसके तहत छोटे उद्योगों और मूल्य संवर्धित कृषि उत्पादों पर भी ध्यान दिया जाएगा। इससे स्थानीय उद्यमियों को नए बाजार मिलने की संभावना है।
सरगुजा में पर्यटन और स्थानीय उद्योगों की संभावनाएं
अंबिकापुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सरगुजा की आर्थिक संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। क्षेत्र में पर्यटन, कृषि आधारित उद्योग और खाद्य प्रसंस्करण के अवसर मौजूद हैं।
इसके अलावा, स्थानीय उत्पादों को भी बढ़ावा देने की बात कही गई। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने से इस क्षेत्र में नई गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
होटल और होम-स्टे जैसे कारोबार को भी इससे लाभ मिल सकता है। साथ ही, पर्यटन सेवाओं से जुड़े युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बन सकते हैं।
महिला और युवा उद्यमिता पर फोकस
मुख्यमंत्री ने महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब व्यापार, उद्योग, शिक्षा और स्टार्टअप में आगे बढ़ रही हैं।
वहीं, युवाओं से नौकरी तलाशने के साथ उद्यमिता अपनाने का आह्वान किया गया। नए विचारों और तकनीक के जरिए रोजगार पैदा करने पर जोर दिया गया।
औद्योगिक नीति 2024-30 के जरिए सरकार उद्योगों के विस्तार के साथ रोजगार पर भी ध्यान दे रही है। ऐसे में निवेश प्रस्तावों और नई योजनाओं के क्रियान्वयन की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
अग्रवाल समाज की उद्यमिता को सराहा
अंबिकापुर में दो दिवसीय अग्र महाकुंभ-2026 का शुभारंभ भी किया गया। मुख्यमंत्री ने अग्रवाल समाज की उद्यमिता और सामाजिक सेवा की भूमिका की सराहना की।
उन्होंने कहा कि व्यापार के साथ समाजसेवा और जनकल्याण की भावना भी महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में महिलाओं और युवाओं के लिए विशेष सत्र भी आयोजित किए गए।
इसके अलावा, ‘अग्रकुल दर्शन’ पत्रिका का विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री ने ट्रेड फेयर का शुभारंभ भी किया। विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाली प्रतिभाओं को ‘दशम अग्र अलंकरण’ से सम्मानित किया गया।
रोजगार और निवेश पर आगे की नजर
औद्योगिक नीति 2024-30 के तहत निवेश और रोजगार को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। 8.23 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव इस दिशा में महत्वपूर्ण आंकड़ा हैं।
हालांकि, इन प्रस्तावों का वास्तविक प्रभाव उनके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा। वहीं, स्टार्टअप, कौशल विकास और निर्यात से जुड़ी योजनाएं युवाओं और स्थानीय कारोबार को नए अवसर दे सकती हैं।
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