छत्तीसगढ़ में श्रमिक कल्याण योजनाएं लगातार विस्तार पा रही हैं। रायपुर में राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम को संबोधित किया।
मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के लिए तीन बड़ी घोषणाएं कीं। शहरों में आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र बनाए जाएंगे। पंजीकृत श्रमिकों के लिए ई-बाइक सहायता योजना शुरू होगी।
इसके अलावा रिक्शा चालकों को अधिक सहायता मिलेगी। ई-रिक्शा खरीदने के लिए अब एक लाख रुपये की मदद मिलेगी।
श्रमिकों के लिए सुविधाओं का होगा विस्तार
मुख्यमंत्री ने शहरों में श्रमिक सुविधा केंद्र बनाने की घोषणा की। इन केंद्रों पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
श्रमिकों के बैठने की व्यवस्था होगी। स्वच्छ पेयजल की सुविधा भी मिलेगी। मोबाइल चार्जिंग की व्यवस्था भी की जाएगी।
रोजगार की तलाश में शहर आने वाले श्रमिकों को इससे सुविधा मिलेगी। उन्हें इंतजार के लिए बेहतर स्थान मिल सकेगा।
साथ ही, पंजीकृत श्रमिकों के लिए ई-बाइक सहायता योजना शुरू होगी। इससे लंबी दूरी तय करने वाले श्रमिकों को मदद मिलेगी।
ई-रिक्शा सहायता से बढ़ेंगे स्वरोजगार के अवसर
असंगठित क्षेत्र के रिक्शा चालकों के लिए भी बड़ा फैसला हुआ। ई-रिक्शा खरीदने की सहायता बढ़ाई गई है।
पहले यह सहायता 50 हजार रुपये थी। अब इसे बढ़ाकर एक लाख रुपये किया गया है।
इससे रिक्शा चालकों को आधुनिक वाहन खरीदने में मदद मिलेगी। साथ ही, स्वरोजगार को मजबूत करने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम में 100 श्रमिक दीदियों को ई-रिक्शा की चाबी दी गई। मुख्यमंत्री ने उन्हें हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
1.43 लाख से ज्यादा श्रमिकों को मिली राशि
महासम्मेलन में श्रमिकों को आर्थिक सहायता भी दी गई। 26 योजनाओं के तहत डीबीटी से राशि भेजी गई।
1 लाख 43 हजार से अधिक श्रमिकों के खातों में राशि पहुंची। कुल 51 करोड़ 32 लाख रुपये से ज्यादा अंतरित किए गए।
लाभार्थियों को सहायता राशि और सामग्री भी दी गई। प्रदेश में 67 प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं।
इन योजनाओं में सामाजिक सुरक्षा शामिल है। बच्चों की शिक्षा के लिए भी सहायता मिलती है।
विवाह सहायता और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए भी प्रावधान हैं। पिछले ढाई वर्षों में एक हजार करोड़ रुपये से अधिक पहुंचाए गए।
श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा पर जोर
श्रमिक कल्याण योजनाएं शिक्षा को भी महत्व देती हैं। श्रमिक परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों को मदद दी जा रही है।
अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत बच्चों को निजी आवासीय विद्यालयों में पढ़ाया जा रहा है। पहले 100 बच्चों को इसका लाभ मिला था।
अब यह संख्या बढ़ाकर 200 कर दी गई है। इन बच्चों की शिक्षा का खर्च श्रम विभाग उठाएगा।
दसवीं और बारहवीं में बेहतर प्रदर्शन पर प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी मदद मिलती है।
मनिंदर कौर की इंजीनियरिंग का खर्च उठाएगी सरकार
महासम्मेलन में मनिंदर कौर का उदाहरण सामने आया। वह श्रमिक परिवार से ताल्लुक रखती हैं।
उन्होंने जेईई परीक्षा पास की है। उन्हें एनआईटी सूरत में प्रवेश मिला है।
मुख्यमंत्री ने उन्हें लैपटॉप दिया। उन्हें 1.75 लाख रुपये का चेक भी दिया गया।
उनकी इंजीनियरिंग की पढ़ाई का पूरा खर्च श्रम विभाग उठाएगा। सरकार ने प्रतिभाशाली बच्चों को सहयोग देने की बात कही।
महिलाओं के लिए बढ़े स्वरोजगार के अवसर
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर दिया गया। दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत 100 महिलाओं को ई-रिक्शा मिले।
इससे महिलाओं को आय का नया साधन मिलेगा। परिवार की आर्थिक स्थिति में भी मदद मिल सकती है।
श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने सहायता राशि बढ़ने की जानकारी दी। योजना के तहत राशि एक लाख से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये की गई है।
डिजिटल व्यवस्था से आसान होगी प्रक्रिया
पंजीयन और योजनाओं को डिजिटल व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है। महासम्मेलन में नए श्रमिक पंजीयन कार्ड का विमोचन हुआ।
कार्ड में पीवीसी और क्यूआर कोड की सुविधा होगी। नवीन उपकर कटौती वेबसाइट भी शुरू की गई।
सरकार के अनुसार तकनीक से प्रक्रिया आसान होगी। इससे योजनाओं तक पहुंच बेहतर हो सकती है।
साथ ही, व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। श्रमिकों के लिए पंजीयन प्रक्रिया को भी सरल बनाया जा रहा है।
सामाजिक सुरक्षा पर भी सरकार का जोर
श्रमिक कल्याण योजनाएं आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं हैं। इनमें शिक्षा और स्वरोजगार को भी शामिल किया गया है।
श्रमिक परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा पर जोर है। बच्चों की पढ़ाई को लेकर भी कई योजनाएं संचालित हैं।
पात्र श्रमिकों से विभाग में पंजीयन कराने की अपील की गई है। इससे उन्हें उपलब्ध योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाने वाले श्रमिकों को भी सुविधा मिलती है। वन नेशन-वन राशन कार्ड का भी उल्लेख किया गया।
श्रमिकों के लिए प्रमुख घोषणाएं
- शहरों में आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र बनेंगे।
- पंजीकृत श्रमिकों के लिए ई-बाइक सहायता योजना शुरू होगी।
- रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा के लिए एक लाख रुपये मिलेंगे।
- 1.43 लाख से अधिक श्रमिकों को सहायता राशि मिली।
शिक्षा और स्वरोजगार से जुड़े फैसले
- अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना में 200 बच्चों को लाभ मिलेगा।
- 100 श्रमिक दीदियों को ई-रिक्शा दिए गए।
- मनिंदर कौर की इंजीनियरिंग का खर्च सरकार उठाएगी।
- श्रमिक कार्ड में क्यूआर कोड की सुविधा मिलेगी।
श्रमिक परिवारों के सशक्तीकरण पर फोकस
श्रमिक कल्याण योजनाएं श्रमिक परिवारों की अलग-अलग जरूरतों से जुड़ी हैं। इसमें आर्थिक मदद के साथ शिक्षा भी शामिल है।
नई घोषणाओं में आवागमन पर भी ध्यान दिया गया है। ई-बाइक और ई-रिक्शा सहायता इसका हिस्सा हैं।
महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है। डिजिटल व्यवस्था से योजना प्रक्रिया आसान बनाने का प्रयास है।
पात्र श्रमिकों से पंजीयन कराने की अपील की गई है। इससे वे विभाग की योजनाओं का लाभ ले सकेंगे।
कुल मिलाकर, महासम्मेलन में श्रमिक हित से जुड़े कई फैसले हुए। इनमें रोजगार, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा प्रमुख रहे।
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