मौसम का अलर्ट के बीच देश के कई राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी ने कई क्षेत्रों के लिए बारिश का अनुमान जताया है।
दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में तेज हवाएं चल सकती हैं। कई जगह गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। वहीं, मध्य और पूर्वी भारत में भी मौसम बदल सकता है।
दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश के आसार हैं। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में बारिश हो सकती है। तेलंगाना में भी कुछ स्थानों पर तेज बारिश का अनुमान है।
पूर्वोत्तर राज्यों और ओडिशा में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। कुछ समुद्री क्षेत्रों में मछुआरों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
उत्तर भारत में बारिश और तेज हवाओं के संकेत
आईएमडी के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम सक्रिय रहेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के क्षेत्रों में बारिश हो सकती है।
16 और 17 सितंबर को कई स्थानों पर गरज-चमक की संभावना है। कुछ इलाकों में बिजली गिरने का खतरा भी बना रह सकता है।
पंजाब में भी इन दिनों व्यापक बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान में 17 सितंबर को बारिश के आसार हैं।
मौसम अलर्ट के बीच दिल्ली-एनसीआर में बदलाव
दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिजाज बदल सकता है। दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा और गुरुग्राम में बारिश की संभावना है।
हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। इन क्षेत्रों में 20 सितंबर तक मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19 सितंबर तक बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 21 सितंबर तक कुछ स्थानों पर बारिश के आसार हैं।
इन मौसम प्रणालियों से बदलेगा मौसम
उत्तर हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। यह निचले क्षोभमंडल स्तर पर सक्रिय बताया गया है।
पंजाब और राजस्थान के आसपास पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इसके अलावा, सौराष्ट्र क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है।
इन प्रणालियों के प्रभाव से कई राज्यों में बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक भी देखने को मिलेगी।
मध्य और दक्षिण भारत में भी बारिश के आसार
देश के मध्य हिस्सों में भी मौसम में बदलाव जारी रहेगा। कई क्षेत्रों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां हो सकती हैं।
ओडिशा और पश्चिम बंगाल में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का असर दिखाई दे सकता है।
दक्षिण भारत में तमिलनाडु और केरल पर खास नजर रहेगी। कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी कई जगह बारिश हो सकती है।
मौसम अलर्ट को देखते हुए स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखना जरूरी होगा। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।
22 सितंबर तक कैसा रहेगा मौसम
आईएमडी के अनुमान के अनुसार, 22 सितंबर तक कई हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है। हालांकि, बारिश की तीव्रता अलग-अलग क्षेत्रों में अलग रहेगी।
कुछ राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव की परेशानी हो सकती है।
उत्तर भारत में बारिश के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं। वहीं, दक्षिण और पूर्वी क्षेत्रों में भारी बारिश का असर ज्यादा दिख सकता है।
पश्चिमी राजस्थान में मानसून की वापसी के संकेत
पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां बनने लगी हैं। आईएमडी के अनुसार, 19 सितंबर के आसपास इसकी शुरुआत के अनुकूल संकेत हैं।
हालांकि, मानसून की वापसी कई मौसम परिस्थितियों पर निर्भर करती है। इसलिए अगले अपडेट में स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
बारिश के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
बारिश और आंधी के दौरान थोड़ी सावधानी जरूरी है। खासकर बिजली चमकने के समय खुले स्थानों से दूर रहना चाहिए।
- तेज बारिश में अनावश्यक यात्रा से बचें।
- बिजली चमकने पर पेड़ों के नीचे न रुकें।
- स्थानीय प्रशासन की सलाह पर ध्यान दें।
- जलभराव वाले रास्तों पर जाने से बचें।
- मौसम विभाग के ताजा अपडेट देखते रहें।
- समुद्र में जाने वाले मछुआरे चेतावनी का पालन करें।
अलग-अलग राज्यों में दिखेगा मौसम का असर
उत्तर भारत में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। मध्य भारत में भी कई जगह मौसम सक्रिय रहेगा।
दूसरी ओर, दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी। पूर्वी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में भी बारिश का प्रभाव दिखाई दे सकता है।
मौसम अलर्ट के दौरान लोगों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सावधानी बरतनी चाहिए। मौसम संबंधी चेतावनियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
कुल मिलाकर, 22 सितंबर तक देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर बना रह सकता है। दिल्ली-एनसीआर से लेकर दक्षिण भारत तक मौसम बदलने के संकेत हैं।
आईएमडी के अनुसार, अलग-अलग मौसम प्रणालियां बारिश को प्रभावित कर रही हैं। इसलिए क्षेत्रवार मौसम अपडेट पर नजर रखना उपयोगी रहेगा।
मौसम अलर्ट के तहत जारी चेतावनियों को ध्यान में रखते हुए यात्रा की योजना बनाना बेहतर होगा।
यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र सड़क हादसा के घायलों से एम्स में मिले विजय शर्मा