श्रमिकों के खाते में 39.67 करोड़ की राशि ट्रांसफर करेंगे CM साय

शिक्षक दिवस संदेश

छत्तीसगढ़ में श्रमिक परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय श्रम विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत बड़ी संख्या में पंजीकृत श्रमिकों को आर्थिक सहायता प्रदान करेंगे। इस पहल के तहत श्रमिकों के खाते में राशि सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी।

सरकार की इस पहल से हजारों श्रमिक परिवारों को आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद है। सहायता राशि का लाभ शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और अन्य कल्याणकारी जरूरतों के लिए मिल सकेगा।

श्रमिकों के खाते में राशि होगी ट्रांसफर, श्रमिक परिवारों को मिलेगा लाभ

कार्यक्रम के दौरान कुल 1 लाख 45 हजार 841 पंजीकृत श्रमिकों को सहायता राशि दी जाएगी। इसके लिए 18 श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं के तहत करीब 39 करोड़ 67 लाख रुपये की राशि निर्धारित की गई है।

DBT के माध्यम से श्रमिकों के खाते में राशि सीधे पहुंचाई जाएगी। इससे लाभार्थियों को सहायता प्राप्त करने के लिए किसी मध्यस्थ की जरूरत नहीं होगी।

श्रमिकों के खाते में पहुंचेगी राशि, मिलेगी आर्थिक सहायता

श्रम विभाग की 18 अलग-अलग श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से यह सहायता प्रदान की जा रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य श्रमिकों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी क्षेत्रों में सहायता उपलब्ध कराना है।

सरकार की इस व्यवस्था से श्रमिकों के खाते में राशि सीधे बैंकिंग प्रणाली के जरिए पहुंचेगी। इससे योजना के लाभ में पारदर्शिता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

200 मेधावी बच्चों का होगा सम्मान

कार्यक्रम में केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि श्रमिक परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया जाएगा।

वर्ष 2025-26 में अध्ययनरत ऐसे मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने खेलकूद और स्कूली मेरिट के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन किया है।

इसके अलावा वर्ष 2026-27 में कक्षा 6वीं में नवप्रवेश लेने वाले 200 प्रतिभावान विद्यार्थियों का भी सम्मान किया जाएगा।

श्रमिक परिवारों को प्रोत्साहन देने पर सरकार का जोर

श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा और प्रतिभा को प्रोत्साहित करना कार्यक्रम का अहम हिस्सा है। मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान उन्हें आगे बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित कर सकता है।

इस पहल के जरिए श्रमिक परिवारों के बच्चों की उपलब्धियों को सार्वजनिक मंच पर पहचान देने का प्रयास किया जा रहा है।

कार्यक्रम में ये प्रमुख लोग रहेंगे मौजूद

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह, मंत्री लखनलाल देवांगन और छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहेंगे।

श्रमिक परिवारों के लिए क्यों अहम है यह पहल?

श्रमिकों के लिए सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की सहायता सीधे बैंक खाते तक पहुंचने से आर्थिक मदद हासिल करना आसान होता है। श्रमिकों के खाते में राशि पहुंचने से परिवार अपनी जरूरत के अनुसार इस सहायता का उपयोग कर सकेंगे।

वहीं मेधावी बच्चों के सम्मान से श्रमिक परिवारों में शिक्षा और प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन का संदेश भी जाएगा।

श्रमिकों के खाते में 39.67 करोड़ रुपये की सहायता का मिलेगा सीधा लाभ

कुल मिलाकर इस कार्यक्रम के माध्यम से 1,45,841 श्रमिकों को 18 योजनाओं के तहत लगभग 39.67 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी। DBT के जरिए श्रमिकों के खाते में राशि ट्रांसफर होने से लाभ सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंचेगा।

सरकार की इस पहल में एक ओर श्रमिक परिवारों को आर्थिक सहायता दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर उनके मेधावी बच्चों को सम्मान देकर शिक्षा और प्रतिभा को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

यह भी पढ़े: शिक्षक दिवस पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने डॉ. राधाकृष्णन को किया नमन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *