एशियाई खेलों के लिए भारतीय दल तय होने के बाद एशियाड सपोर्ट स्टाफ को लेकर नया विवाद सामने आया है। भारतीय खेल प्राधिकरण यानी साई ने 18 खेल महासंघों से जवाब मांगा है। इनमें कोच, डॉक्टर, मसाजर और अन्य सहयोगी स्टाफ की तैनाती से जुड़े सवाल शामिल हैं।
19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियाई खेलों के लिए भारत का 492 सदस्यीय दल तय किया गया है। अब खिलाड़ियों के साथ जाने वाले अधिकारियों और सहयोगी कर्मचारियों की अंतिम सूची तैयार की जा रही है।
18 खेल महासंघों से मांगा गया जवाब
साई ने एशियाई खेलों में भाग लेने वाले 35 खेल संघों में से 18 से स्पष्टीकरण मांगा है। महासंघों को अपने प्रस्तावित एशियाड सपोर्ट स्टाफ की जरूरत और भूमिका स्पष्ट करनी होगी।
महिला हॉकी, शूटिंग, कबड्डी, स्क्वैश, रोइंग और कुश्ती जैसे खेलों को लेकर सवाल उठे हैं। इन टीमों के साथ मसाजर नहीं भेजने के फैसले पर भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
इसके अलावा घुड़सवारी और वेटलिफ्टिंग टीम से जुड़े स्टाफ की जरूरत पर भी साई ने जानकारी मांगी है। जवाब मिलने के बाद अंतिम सूची को मंजूरी दी जाएगी।
विदेशी कुश्ती कोचों को लेकर उठे सवाल
कुश्ती में विदेशी प्रशिक्षकों की नियुक्ति के बावजूद उन्हें एशियाई खेलों में बतौर कोच नहीं भेजने का मामला सामने आया है। साई ने इस फैसले पर कुश्ती महासंघ से जवाब मांगा है।
महासंघ ने पुरुष फ्रीस्टाइल के लिए शाको बार्टोनिएट्ज को नियुक्त किया है। ग्रीको-रोमन कुश्ती में रूसी कोच गोगी कोगुआशविली जुड़े हैं। महिला पहलवानों के साथ जापानी प्रशिक्षक कोसेई अकाइशी काम कर रहे हैं।
इसके बावजूद एशियाड के लिए भारतीय प्रशिक्षकों को प्राथमिकता दी गई है। महासंघ का कहना है कि बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारतीय कोचों को मैट के पास प्राथमिकता देना पुरानी व्यवस्था रही है।
साई विदेशी प्रशिक्षकों को साथ भेजना चाहता है
साई की ओर से इन विदेशी प्रशिक्षकों को अतिरिक्त टीम अधिकारी के तौर पर भेजने का विकल्प सामने रखा गया है। इसके लिए उनके मान्यता कार्ड बनाए जा सकते हैं।
ऐसे में एशियाड सपोर्ट स्टाफ की सूची को लेकर कुश्ती महासंघ और साई की राय अलग दिखाई दे रही है। अंतिम फैसला महासंघ के जवाब और संबंधित अधिकारियों की समीक्षा के बाद होगा।
घुड़सवारी टीम में ग्रूम की संख्या पर सवाल
घुड़सवारी दल के साथ घोड़ों की देखभाल करने वाले ग्रूम की जरूरत भी चर्चा में है। भारतीय ओलंपिक संघ की ओर से आठ सदस्यीय टीम के लिए 20 ग्रूम के नाम प्रस्तावित किए गए हैं।
साई ने तीन घुड़सवारों के घोड़ों के लिए ग्रूम के नाम नहीं भेजे जाने पर सवाल उठाया है। इनमें जय सूद, अर्जन नागरा और आहान कुमार शामिल हैं।
पिछले हांगझोऊ एशियाड में 10 घुड़सवारों के साथ 11 ग्रूम भेजे गए थे। हालांकि कुछ खिलाड़ी अतिरिक्त घोड़े भी रखते हैं। इसलिए ग्रूम की संख्या खेल की जरूरतों के अनुसार बदल सकती है।
वेटलिफ्टिंग और सेलिंग पर भी सवाल
पांच सदस्यीय वेटलिफ्टिंग टीम के साथ डॉक्टर भेजने के प्रस्ताव पर भी साई ने स्पष्टीकरण मांगा है। प्राधिकरण यह जानना चाहता है कि टीम के लिए चिकित्सा स्टाफ की आवश्यकता क्यों है।
सेलिंग टीम के साथ योग्य कोच नहीं रखने को लेकर भी सवाल उठाया गया है। इन मामलों में खेल संघों को अपनी जरूरत और प्रस्ताव का आधार बताना होगा।
इससे स्पष्ट है कि एशियाड सपोर्ट स्टाफ की अंतिम सूची केवल खिलाड़ियों की संख्या के आधार पर तय नहीं होगी। हर खेल की वास्तविक जरूरत और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता की परिस्थितियों को भी देखा जाएगा।
खिलाड़ियों की तैयारी के साथ स्टाफ भी अहम
एशियाई खेलों जैसे बड़े आयोजन में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के साथ सहयोगी टीम की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। कोच रणनीति और प्रशिक्षण संभालते हैं। डॉक्टर स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों पर नजर रखते हैं।
मसाजर और अन्य विशेषज्ञ खिलाड़ियों की रिकवरी में सहयोग करते हैं। घुड़सवारी में ग्रूम की भूमिका घोड़ों की देखभाल से जुड़ी होती है।
इसलिए एशियाड सपोर्ट स्टाफ का चयन खिलाड़ियों की तैयारी और प्रदर्शन से सीधे जुड़ा विषय है। इसी कारण साई महासंघों के प्रस्तावों की विस्तृत समीक्षा कर रहा है।
अब महासंघों के जवाब पर नजर
साई की ओर से जवाब मांगे जाने के बाद अब संबंधित महासंघ अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे। इन जवाबों के आधार पर एशियाई खेलों के लिए सपोर्ट स्टाफ की अंतिम सूची तैयार होगी।
कुश्ती में विदेशी प्रशिक्षकों की भूमिका और घुड़सवारी में ग्रूम की संख्या जैसे मामले खास तौर पर महत्वपूर्ण हैं। इनके अलावा चिकित्सा और कोचिंग स्टाफ से जुड़े प्रस्तावों पर भी फैसला होना बाकी है।
आने वाले दिनों में महासंघों के जवाब मिलने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है। इसके बाद भारतीय दल के साथ जाने वाले एशियाड सपोर्ट स्टाफ की अंतिम स्थिति सामने आएगी।
एशियाड से जुड़े अहम बिंदु
- भारत का 492 सदस्यीय दल एशियाई खेलों के लिए तय हुआ है।
- साई ने 18 खेल महासंघों से स्पष्टीकरण मांगा है।
- कुश्ती में विदेशी प्रशिक्षकों को लेकर सवाल उठे हैं।
- घुड़सवारी में ग्रूम की संख्या पर समीक्षा हो रही है।
- वेटलिफ्टिंग के साथ डॉक्टर भेजने पर भी जवाब मांगा गया है।
- सेलिंग टीम के कोचिंग स्टाफ पर भी सवाल उठे हैं।
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