टेलीविजन का लोकप्रिय क्राइम शो ‘सीआईडी’ आज भी दर्शकों के बीच खास पहचान रखता है। वर्ष 1998 में शुरू हुआ यह शो करीब दो दशक तक प्रसारित हुआ। वर्ष 2018 में इसका मूल प्रसारण अचानक बंद हो गया। अब दया की भूमिका निभाने वाले दयानंद शेट्टी ने इसके पीछे की वजह बताई है।
दयानंद शेट्टी ने सिद्धार्थ कन्नन के साथ बातचीत में कई पुराने पहलुओं पर चर्चा की। उनके मुताबिक, शो के बंद होने के पीछे अंदरूनी राजनीति महत्वपूर्ण वजह थी। उन्होंने बताया कि विवाद वर्ष 2016 के आसपास शुरू हुआ था।
निर्माताओं को बदलने के फैसले से बिगड़ा मामला
दयानंद के अनुसार, चैनल शो के निर्माताओं को बदलना चाहता था। हालांकि, कलाकार इस बदलाव के पक्ष में नहीं थे। कलाकारों का निर्माताओं के साथ वर्षों पुराना जुड़ाव था। इसलिए उन्होंने इस फैसले का विरोध किया।
अभिनेता ने बताया कि कलाकार चैनल से ज्यादा फायरवर्क्स प्रोडक्शन से जुड़े थे। उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय तक काम करने के बावजूद कलाकारों ने औपचारिक अनुबंध नहीं किया था। उनके अनुसार, काम आपसी भरोसे और मौखिक सहमति से चलता रहा।
अनुबंध को लेकर सामने आया बड़ा खुलासा
दयानंद ने बातचीत में अनुबंध से जुड़ा एक अहम किस्सा भी साझा किया। उनके मुताबिक, वर्ष 2016 में चैनल ने कलाकारों के अनुबंध से जुड़े दस्तावेज मांगे थे। उस समय पता चला कि कलाकारों के साथ कोई औपचारिक लिखित समझौता नहीं हुआ था।
इस स्थिति ने चैनल और निर्माताओं के बीच मौजूद व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए। दयानंद के अनुसार, इसी दौरान निर्माता बदलने का मुद्दा भी सामने आया। बाद में परिस्थितियां ऐसी बनीं कि सीआईडी शो को 2018 में बंद कर दिया गया।
लता मंगेशकर थीं शो की बड़ी प्रशंसक
दयानंद शेट्टी ने दिवंगत गायिका लता मंगेशकर से जुड़ा भावुक किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि लता मंगेशकर इस कार्यक्रम की बड़ी प्रशंसक थीं। वह कलाकारों के काम को करीब से देखती थीं और उनसे जुड़ी रहती थीं।
दयानंद के अनुसार, कार्यक्रम बंद होने की जानकारी मिलने पर लता मंगेशकर ने भी इसका विरोध किया था। उन्होंने चैनल से संपर्क कर कार्यक्रम बंद करने के फैसले पर सवाल उठाया था।
लता मंगेशकर कलाकारों को देती थीं प्रतिक्रिया
लता मंगेशकर की ‘सीआईडी’ से जुड़ी दिलचस्प यादें पहले भी सामने आ चुकी हैं। दयानंद ने 2024 में बताया था कि वह नियमित रूप से कार्यक्रम देखती थीं। वह कलाकारों की तस्वीरें खींचकर उन्हें भेजती थीं और उनके काम पर अपनी प्रतिक्रिया भी देती थीं।
उनकी इस दिलचस्पी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि सीआईडी शो उनके लिए कितना खास था। कार्यक्रम बंद होने पर उनका निर्माताओं और चैनल के सामने अपनी नाराजगी जताना भी इसी लगाव को दर्शाता है।
2024 में फिर लौटा दर्शकों का पसंदीदा शो
मूल प्रसारण बंद होने के बाद भी दर्शकों के बीच कार्यक्रम की लोकप्रियता बनी रही। सोशल मीडिया पर प्रशंसक लगातार इसकी वापसी की मांग करते रहे। आखिरकार वर्ष 2024 में ‘सीआईडी’ नए सीजन के साथ वापस आया। इसमें पुराने लोकप्रिय किरदारों की भी वापसी हुई।
शिवाजी साटम ने एसीपी प्रद्युमन और आदित्य श्रीवास्तव ने अभिजीत की भूमिका निभाई। वहीं दयानंद शेट्टी फिर दया के किरदार में दिखाई दिए। इन तीनों किरदारों की जोड़ी को दर्शकों ने लंबे समय तक पसंद किया।
दया का किरदार बना शो की पहचान
दयानंद शेट्टी ने दया के किरदार से टेलीविजन पर अलग पहचान बनाई। उनका दमदार व्यक्तित्व और अपराधियों से पूछताछ करने का अंदाज दर्शकों को खूब पसंद आया।
एसीपी प्रद्युमन, अभिजीत और दया की टीम सीआईडी शो की सबसे लोकप्रिय पहचान बनी। लंबे समय तक प्रसारित होने के कारण यह कार्यक्रम भारतीय टेलीविजन के चर्चित क्राइम ड्रामा में शामिल रहा।
पुराने दौर की यादें फिर चर्चा में
दयानंद शेट्टी के हालिया खुलासे के बाद कार्यक्रम के पुराने दौर की यादें फिर चर्चा में हैं। खासतौर पर शो बंद होने की परिस्थितियों और लता मंगेशकर के समर्थन से जुड़ी बातों ने दर्शकों का ध्यान खींचा है।
फिलहाल सीआईडी शो की वापसी के बाद इसकी पुरानी लोकप्रियता एक बार फिर चर्चा में है। दयानंद के खुलासे ने इसके बंद होने के पीछे की परिस्थितियों को लेकर एक नया दृष्टिकोण सामने रखा है।
यह भी पढ़ें – आसिम रियाज ने हिमांशी के आरोपों पर जवाब