छत्तीसगढ़ शिक्षक भर्ती 2026: 50% अंकों की शर्त पर बवाल

शिक्षक भर्ती परीक्षा

छत्तीसगढ़ शिक्षक भर्ती 2026 का विज्ञापन जारी होते ही राज्यभर में विरोध शुरू हो गया है। वर्षों बाद हिंदी और संस्कृत विषयों के लिए भर्ती निकलने से अभ्यर्थियों में खुशी है। हालांकि, नए पात्रता नियमों और कई विषयों के पद शामिल नहीं होने से बड़ी संख्या में उम्मीदवार नाराज हैं। विशेष रूप से 50 प्रतिशत अंकों की अनिवार्यता और आरक्षित वर्ग को पूर्व की तरह छूट नहीं मिलने पर सवाल उठ रहे हैं।

नया रायपुर में अभ्यर्थी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि संशोधित नियमों के कारण हजारों योग्य उम्मीदवार भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो सकते हैं।

छत्तीसगढ़ शिक्षक भर्ती में किन नियमों का हो रहा विरोध?

भर्ती विज्ञापन के अनुसार सहायक शिक्षक के लिए 12वीं और शिक्षक पद के लिए स्नातक में कम से कम 50 प्रतिशत अंक अनिवार्य किए गए हैं। पिछली भर्ती में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को पांच प्रतिशत की छूट दी गई थी। इस बार ऐसा कोई प्रावधान नहीं रखा गया है।

अभ्यर्थियों का कहना है कि नई पात्रता शर्तों से एसटी, एससी और ओबीसी वर्ग के हजारों उम्मीदवार आवेदन करने से वंचित हो सकते हैं। इसलिए सरकार को पुराने नियमों की तरह राहत देने पर विचार करना चाहिए।

हिंदी और संस्कृत के पद बढ़े, लेकिन कई विषय बाहर

इस बार छत्तीसगढ़ शिक्षक भर्ती के तहत हिंदी के 250 और संस्कृत के 300 पदों सहित कुल 550 पद स्वीकृत किए गए हैं। व्याख्याता स्तर पर भी इन विषयों के लिए 200 से अधिक पदों पर भर्ती की संभावना जताई गई है।

दूसरी ओर व्यायाम और विज्ञान विषय के लिए एक भी पद नहीं रखा गया है। पिछले वर्ष सरकार ने पांच हजार पदों की भर्ती की घोषणा में इन विषयों को शामिल किया था। इस कारण संबंधित अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ गई है।

छत्तीसगढ़ शिक्षक भर्ती में आवेदन प्रक्रिया जल्द होगी शुरू

भर्ती विशेषज्ञों के अनुसार आवेदन प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। भर्ती का संचालन छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल करेगा। अभ्यर्थियों को आवेदन से पहले पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों की पूरी जानकारी ध्यान से पढ़ने की सलाह दी गई है।

अभ्यर्थियों ने सरकार से की मांग

प्रदर्शन कर रहे युवाओं का कहना है कि पात्रता संबंधी नियमों में संशोधन किया जाए। उनका तर्क है कि यदि पहले आरक्षित वर्ग को छूट मिलती रही है, तो इस भर्ती में भी वही व्यवस्था लागू होनी चाहिए।

एनएसयूआई पदाधिकारियों ने भी भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सरकार को भर्ती में पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित करने चाहिए।

राज्य में शिक्षक भर्ती का इतिहास

राज्य गठन के बाद वर्ष 2005, 2008 और 2011 में जिला पंचायतों के माध्यम से शिक्षाकर्मियों की भर्ती हुई थी। वर्ष 2019 और 2023 में भी शिक्षक भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किए गए थे। हालांकि, 2023 की भर्ती में हिंदी और संस्कृत विषय शामिल नहीं थे। इस बार इन विषयों की वापसी हुई है, लेकिन अन्य विषयों के अभ्यर्थियों की नाराजगी भी सामने आई है।

फैक्ट फाइल

  • कुल 1654 पदों पर भर्ती का विज्ञापन।
  • हिंदी के 250 और संस्कृत के 300 पद।
  • 50 प्रतिशत अंकों की पात्रता अनिवार्य।
  • आरक्षित वर्ग को अतिरिक्त छूट नहीं।
  • व्यायाम और विज्ञान विषय के पद शामिल नहीं।
  • भर्ती प्रक्रिया कर्मचारी चयन मंडल कराएगा।

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