कॉमन सर्विस सेंटर योजना के तहत जशपुर जिले की सभी 44 सहकारी समितियों को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीणों तक सरकारी, बैंकिंग और डिजिटल सेवाएं गांव स्तर पर पहुंचाना है। इससे लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए शहर नहीं जाना पड़ेगा।
मुख्य बातें
- जशपुर की 44 समितियां बनेंगी सीएससी।
- गांव में मिलेंगी 20 से अधिक डिजिटल सेवाएं।
- अधिकारियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण।
- नई समितियों को बहुउद्देशीय केंद्र बनाया जाएगा।
- ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलेगी।
कॉमन सर्विस सेंटर से मिलेंगी कई डिजिटल सेवाएं
जिला पंचायत सभागार में प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें अधिकारियों और कर्मचारियों को सीएससी संचालन की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान डिजिटल सेवाओं के विस्तार और प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए मिलेंगी 20 से अधिक सुविधाएं
ग्रामीणों को आधार आधारित सेवाएं, बिजली और पानी के बिल भुगतान की सुविधा मिलेगी। मोबाइल रिचार्ज, बैंकिंग, बीमा और डिजिटल भुगतान भी उपलब्ध रहेंगे।
इसके अलावा किसान हितग्राही सेवाएं और विभिन्न ई-गवर्नेंस सुविधाएं भी एक ही स्थान पर दी जाएंगी।
कॉमन सर्विस सेंटर बनने से ग्रामीणों का समय और खर्च दोनों बचेंगे। साथ ही सरकारी सेवाओं की पहुंच भी आसान होगी।
सहकारी समितियों की बढ़ेगी कार्यक्षमता
बैठक में बताया गया कि पुनर्गठन के बाद जिले में 20 नई सहकारी समितियों का गठन हुआ है। इन्हें भी बहुउद्देशीय सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
इस पहल से समितियों की आय बढ़ाने और ग्रामीणों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
प्रमुख अपडेट
- 44 समितियाँ बनेंगी सीएससी।
- 20 से अधिक डिजिटल सेवाएं उपलब्ध होंगी।
- प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन।
- नई समितियों को बहुउद्देशीय केंद्र बनाया जाएगा।
- ग्रामीणों को गांव में ही सुविधाएं मिलेंगी।
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