राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए गुरुग्राम पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर बांग्लादेशी नागरिक होने के संदेह में 13 लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान ये लोग भारत में वैध रूप से रहने से जुड़े आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उनके निर्वासन की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
पुलिस ने बताया कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद एक विशेष एस्कॉर्ट टीम इन लोगों को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन के लिए रवाना कर चुकी है। वहां से निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित सीमा प्राधिकरण को सौंपा जाएगा।
मुख्य बातें
- गुरुग्राम से 13 लोगों को हिरासत में लिया गया।
- वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
- डिपोर्ट प्रक्रिया शुरू की गई।
- 23 पुलिसकर्मियों की एस्कॉर्ट टीम तैनात।
- मालदा टाउन के जरिए सीमा तक ले जाया जाएगा।
बांग्लादेशी नागरिक जांच अभियान में बढ़ाई गई निगरानी
बांग्लादेशी नागरिक मामले के बाद गुरुग्राम पुलिस ने शहर के कई इलाकों में सत्यापन अभियान तेज कर दिया है। झुग्गी-झोपड़ियों, किराये के मकानों, औद्योगिक क्षेत्रों, अवैध कॉलोनियों और होटलों में रहने वाले लोगों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि संदिग्ध मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।
इसके अलावा पुलिस ने रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और नागरिकों से सहयोग की अपील की है। मकान मालिकों और संस्थानों से कर्मचारियों तथा किरायेदारों का पुलिस सत्यापन कराने को कहा गया है।
सुरक्षा व्यवस्था और कानूनी प्रक्रिया पर जोर
पुलिस के अनुसार, बांग्लादेशी नागरिक से जुड़े इस अभियान में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। एक निरीक्षक के नेतृत्व में 23 सदस्यीय पुलिस टीम पूरे अभियान की निगरानी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी कार्रवाई भारत सरकार और सक्षम प्राधिकारी के निर्देशों के अनुसार की जा रही है।
एक नजर में
- विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया।
- खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई हुई।
- कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद डिपोर्ट शुरू।
- पुलिस ने नागरिकों से सत्यापन कराने की अपील की।
- अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी।
पुलिस ने नागरिकों से किया सहयोग का आग्रह
बांग्लादेशी नागरिक मामले के बाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत डायल 112 या निकटतम थाने को दें। साथ ही सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी साझा करने से बचने की सलाह दी गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि वैध दस्तावेज रखने वाले भारतीय नागरिकों और विदेशी नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। अभियान का उद्देश्य केवल कानून का पालन सुनिश्चित करना और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है।
यह भी पढ़ें: ISRO वैज्ञानिक इस्तीफा: गगनयान मिशन के बीच सरकार ने सख्त किए नियम
सोनम वांगचुक का अनशन 19वें दिन, 9 किलो वजन घटा
विकास गर्ग 10 दिन की ईडी रिमांड पर, महादेव बेटिंग ऐप मामले में होगी गहन पूछताछ