महादेव ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। महादेव बेटिंग ऐप केस में ईबिक्सकैश के चेयरमैन विकास गर्ग को रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत ने 10 दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया है। जांच एजेंसी अब उनसे वित्तीय लेन-देन, निवेश के स्रोत और कथित हवाला नेटवर्क को लेकर पूछताछ करेगी।
प्रवर्तन निदेशालय ने पहले 14 दिन की रिमांड की मांग की थी। हालांकि, अदालत ने 24 जुलाई तक 10 दिन की कस्टडी मंजूर की। इससे पहले विकास गर्ग को दिल्ली में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया गया था। बाद में उन्हें जांच के लिए रायपुर लाया गया।
मुख्य बातें
- विकास गर्ग को 10 दिन की ईडी रिमांड मिली।
- कोर्ट ने 24 जुलाई तक कस्टडी मंजूर की।
- मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला लेन-देन की जांच होगी।
- निवेश के स्रोत और वित्तीय रिकॉर्ड खंगाले जाएंगे।
- मामले में अब तक 14 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
महादेव बेटिंग ऐप केस में 940 करोड़ रुपये की संपत्ति जांच के दायरे में
ईडी के अनुसार, जांच में सामने आया है कि कथित अवैध सट्टेबाजी से जुड़े धन का इस्तेमाल कई कंपनियों में निवेश के लिए किया गया। महादेव बेटिंग ऐप केस में एजेंसी का आरोप है कि एराया लाइफस्पेस के माध्यम से ईबिक्सकैश में 64 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की गई। हाल ही में ईडी ने विकास गर्ग, उनके परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों की 940.77 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच करने की जानकारी भी दी थी।
जांच एजेंसी का दावा है कि इन पैसों का उपयोग शेयर, सिक्योरिटी और अन्य संपत्तियां खरीदने में किया गया। इसके अलावा हवाला चैनलों और शेल कंपनियों के जरिए धन के प्रवाह की भी जांच जारी है।
छह हजार करोड़ रुपये की कथित अवैध कमाई की जांच
ईडी का आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क से लगभग छह हजार करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय जुड़ी हुई है। एजेंसी का कहना है कि दुबई से संचालित ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म के जरिए देशभर में फ्रेंचाइजी मॉडल पर गतिविधियां चलाई जाती थीं। महादेव बेटिंग ऐप केस में मुख्य प्रमोटरों सहित कई अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
एक नजर में
- ईडी ने 14 दिन की रिमांड मांगी थी।
- कोर्ट ने 10 दिन की कस्टडी मंजूर की।
- 940.77 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच।
- पांच चार्जशीट में 74 आरोपी शामिल।
- यह मामले की 14वीं गिरफ्तारी है।
जांच के अगले चरण पर सबकी नजर
अब ईडी की पूछताछ इस मामले में अहम मानी जा रही है। महादेव बेटिंग ऐप केस के दौरान सामने आने वाली जानकारी के आधार पर नए वित्तीय लिंक, अन्य आरोपियों की भूमिका और निवेश के स्रोतों की पड़ताल की जा सकती है। 24 जुलाई को विकास गर्ग को दोबारा विशेष अदालत में पेश किया जाएगा, जहां जांच की प्रगति पर आगे की सुनवाई होगी।
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