जनजातीय विकास को नई दिशा, छत्तीसगढ़ में बढ़ीं सुविधाएं और अवसर

जनजातीय विकास

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर में आयोजित समारोह में शामिल हुए। जनजातीय विकास को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

उन्होंने भारतीय आदिम जाति सेवक संघ के राज्य बोर्ड को शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नया बोर्ड समाज के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्य बातें

  • भारतीय आदिम जाति सेवक संघ के राज्य बोर्ड ने शपथ ली।
  • मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।
  • आदिवासी क्षेत्रों में विकास कार्यों पर जोर दिया गया।
  • बस्तर में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ीं।
  • नियद नेल्लानार योजना से गांवों तक सुविधाएं पहुंचीं।
  • पर्यटन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिला।

जनजातीय विकास से बदली बस्तर की तस्वीर

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय विकास के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसलिए दूरस्थ क्षेत्रों तक सुविधाएं पहुंच रही हैं।

उन्होंने बताया कि सड़क, पेयजल, बिजली और संचार सेवाओं का विस्तार हुआ है। वहीं पर्यटन गतिविधियों में भी लगातार वृद्धि हुई है।

विकास योजनाओं का मिला लाभ

जनजातीय विकास के तहत पहले उपेक्षित गांवों में भी काम हुआ।

सरकार ने 400 से अधिक गांवों का सर्वे कराया। इसके अलावा 500 से अधिक गांवों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई गईं।

राशन कार्ड और उचित मूल्य की दुकानों का भी विस्तार हुआ।

स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ बस्तर योजना के तहत घर-घर स्वास्थ्य जांच की जा रही है।

साथ ही बस्तर मुन्ने कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है।

संस्कृति संरक्षण पर भी फोकस

जनजातीय विकास के साथ संस्कृति संरक्षण पर भी काम हो रहा है।

सरकार शिक्षा, रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ा रही है। साथ ही आदिवासी परंपराओं और जीवन मूल्यों के संरक्षण पर भी लगातार ध्यान दिया जा रहा है।

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