जोकोविच विंबलडन सेमीफाइनल में पहुंचे, अब सिनर से होगी बड़ी टक्कर

जोकोविच विंबलडन सेमीफाइनल

जोकोविच विंबलडन सेमीफाइनल में पहुंचकर एक बार फिर इतिहास रचने में सफल रहे। विंबलडन 2026 के पुरुष एकल क्वार्टर फाइनल में नोवाक जोकोविच ने पांच घंटे 15 मिनट तक चले रोमांचक मुकाबले में कनाडा के फेलिक्स ऑगर-अलियासिमे को 7-6(10), 3-6, 6-3, 6-7(4), 7-6(10-4) से हराया। इस जीत के साथ उन्होंने लगातार आठवीं बार विंबलडन के अंतिम चार में जगह बनाई।

यह मुकाबला टूर्नामेंट के सबसे लंबे क्वार्टर फाइनल मैचों में शामिल हो गया। दोनों खिलाड़ियों ने पूरे मैच में शानदार टेनिस खेला, लेकिन निर्णायक क्षणों में जोकोविच का अनुभव भारी पड़ा।

लगातार रिकॉर्ड बना रहे हैं जोकोविच

जोकोविच विंबलडन सेमीफाइनल तक पहुंचने के साथ अपने करियर का 55वां ग्रैंड स्लैम सेमीफाइनल खेलेंगे। वहीं, विंबलडन में यह उनका रिकॉर्ड 15वां सेमीफाइनल होगा। 39 वर्ष की उम्र में भी उनका प्रदर्शन यह साबित करता है कि वह अब भी दुनिया के सबसे खतरनाक खिलाड़ियों में शामिल हैं।

ओपन एरा में वह विंबलडन सेमीफाइनल में पहुंचने वाले दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी भी बन गए हैं। इससे पहले यह उपलब्धि ऑस्ट्रेलिया के केन रोजवेल के नाम दर्ज है।

चोट के बावजूद नहीं मानी हार

मैच के दौरान जोकोविच को पिंडली में परेशानी महसूस हुई और उन्हें मेडिकल टाइमआउट लेना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने अपना धैर्य बनाए रखा। अंतिम सेट के टाई-ब्रेकर में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया।

पूरे मैच में उन्होंने विरोधी खिलाड़ी के बैकहैंड पर लगातार दबाव बनाया। यही रणनीति आखिरकार उनकी जीत की सबसे बड़ी वजह बनी।

अब सेमीफाइनल में होगी सिनर से भिड़ंत

अब जोकोविच विंबलडन सेमीफाइनल में इटली के शीर्ष वरीय यानिक सिनर से भिड़ेंगे। पिछले साल सिनर ने विंबलडन सेमीफाइनल में जोकोविच को हराया था। ऐसे में इस बार दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबले को बदले और प्रतिष्ठा की लड़ाई माना जा रहा है।

टेनिस प्रशंसकों की नजरें इस हाई-वोल्टेज मुकाबले पर होंगी। दोनों खिलाड़ी शानदार फॉर्म में हैं और विजेता के फाइनल में पहुंचने की संभावना मजबूत मानी जा रही है।

अनुभव बनाम युवा चुनौती

जोकोविच के पास बड़े मुकाबलों का वर्षों का अनुभव है, जबकि सिनर युवा जोश और बेहतरीन फॉर्म के साथ कोर्ट पर उतरेंगे। ऐसे में सेमीफाइनल मुकाबला तकनीक, फिटनेस और मानसिक मजबूती की कड़ी परीक्षा साबित हो सकता है।

अगर जोकोविच अपनी लय बरकरार रखते हैं तो वह एक और ग्रैंड स्लैम फाइनल की ओर कदम बढ़ा सकते हैं। वहीं सिनर के पास लगातार दूसरी बार उन्हें विंबलडन में हराने का अवसर होगा।

निष्कर्ष

जोकोविच विंबलडन सेमीफाइनल में पहुंचकर एक बार फिर साबित कर चुके हैं कि बड़े मंच पर उनका अनुभव आज भी सबसे बड़ी ताकत है। अब सभी की निगाहें सिनर के खिलाफ होने वाले बहुप्रतीक्षित मुकाबले पर टिकी हैं, जहां से फाइनल का रास्ता तय होगा।


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